Delhi Fake Medicine Bust: दिल्ली क्राइम ब्रांच ने नकली दवा फैक्ट्री का किया भंडाफोड़ मास्टर कोऑर्डिनेटर गिरफ्तार

Delhi Fake Medicine Bust: दिल्ली क्राइम ब्रांच ने नकली दवा फैक्ट्री का किया भंडाफोड़ मास्टर कोऑर्डिनेटर गिरफ्तार
रिपोर्ट: तीर्थांकर सरकार
राजधानी दिल्ली में नकली दवाओं के बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए क्राइम ब्रांच और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने एक और फर्जी दवा फैक्ट्री पर छापा मारकर उसे ध्वस्त कर दिया है। इस कार्रवाई में गिरोह के कथित मास्टर कोऑर्डिनेटर को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार अब तक इस रैकेट से जुड़े कुल 9 लोगों को पकड़ा जा चुका है।
छापेमारी के दौरान मौके से 1.6 लाख से अधिक नकली टैबलेट, बड़ी संख्या में फर्जी इंजेक्शन की एम्प्यूल और ट्रामाडोल आधारित ओपिओइड दवाएं बरामद की गईं। इसके अलावा अवैध निर्माण में इस्तेमाल हो रही भारी मशीनरी और पैकेजिंग सामग्री भी जब्त की गई है। पुलिस का कहना है कि यह गिरोह संगठित तरीके से नकली दवाओं का उत्पादन कर उन्हें अलग-अलग राज्यों में सप्लाई कर रहा था।
जांच में सामने आया है कि आरोपी ट्रामाडोल आधारित दवाओं को तैयार कर अवैध रूप से बाजार में उतारते थे। ट्रामाडोल एक शक्तिशाली ओपिओइड दवा है, जिसका इस्तेमाल दर्द निवारण में किया जाता है, लेकिन इसका दुरुपयोग नशे के रूप में भी होता है। ऐसे में नकली और घटिया गुणवत्ता की दवाओं का बाजार में पहुंचना आम लोगों की सेहत के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और भारी मुनाफा कमाने के लिए लोगों की जान जोखिम में डाल रहा था। तकनीकी निगरानी और गुप्त सूचना के आधार पर फैक्ट्री का पता लगाया गया। इसके बाद सुनियोजित तरीके से छापा मारकर पूरे नेटवर्क को बेनकाब किया गया।
यह ऑपरेशन इंस्पेक्टर नितेश कुमार के नेतृत्व में अंजाम दिया गया, जबकि कार्रवाई एसीपी सतेंद्र मोहन की निगरानी और डीसीपी संजीव कुमार यादव के समग्र पर्यवेक्षण में की गई। पुलिस अब इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों और सप्लाई चेन की कड़ियों को खंगाल रही है। अधिकारियों का कहना है कि आगे की जांच में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
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