AIIMS Delhi : स्टेज-4 कोलन कैंसर से पीड़ित महिला को एम्स ने दिया नया जीवन, 20 किलो ट्यूमर हटाने में सफल डॉक्टर

AIIMS Delhi : स्टेज-4 कोलन कैंसर से पीड़ित महिला को एम्स ने दिया नया जीवन, 20 किलो ट्यूमर हटाने में सफल डॉक्टर
नई दिल्ली, 23 जनवरी : एम्स दिल्ली ने स्टेज-4 कोलन कैंसर से पीड़ित 42 वर्षीय महिला मुनमुन को नया जीवन देने में बड़ी सफलता हासिल की है। महिला के शरीर में कैंसर व्यापक रूप से फैल चुका था और उसकी सेहत गंभीर स्थिति में थी। एम्स के बीआरए-आईआरसीएच में सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रो. एम.डी. रे के नेतृत्व में दो चरणों की हाई-रिस्क सर्जरी के बाद लगभग 20 किलोग्राम वजनी ट्यूमर को सफलतापूर्वक हटाया गया।
बीते 12 जनवरी को मुनमुन की साइटोरिडक्टिव सर्जरी की गई, जिसमें लगभग 19.9 किलो वजन का ट्यूमर निकाला गया। इसके बाद 15 जनवरी को एचआईपीसी प्रक्रिया द्वारा शेष कैंसर कोशिकाओं को समाप्त करने का प्रयास किया गया। अब महिला को आईसीयू से वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है और वह तेजी से रिकवर कर रही हैं। इसके साथ ही मेंटेनेंस और टार्गेटेड थेरेपी जारी रहेगी।
प्रो. एम.डी. रे ने बताया कि कोलन कैंसर में जीवनशैली का बड़ा प्रभाव होता है। उन्होंने चेतावनी दी कि रेड मीट, फास्ट फूड, कब्ज, अनियमित मल त्याग और निष्क्रिय जीवन शैली कोलन पर दबाव डालती हैं और कैंसर का खतरा बढ़ाती हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज न करें और नियमित बाउल हैबिट बनाए रखें। मानसिक स्वास्थ्य को भी इलाज का अहम हिस्सा बताते हुए प्रो. रे ने योग, ध्यान और नियमित व्यायाम को तनाव कम करने और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का महत्वपूर्ण उपाय बताया।
कैंसर रोगियों के लिए एम्स द्वारा दी गई प्रीहैबिलिटेशन सलाह:
- नशा मुक्ति: धूम्रपान, तंबाकू, शराब या किसी लत को तुरंत बंद करें।
- पोषण: उच्च प्रोटीन आहार लें, प्रोटीन पाउडर 2 चम्मच दिन में तीन बार।
- श्वसन व्यायाम: इंसेंटिव स्पाइरोमेट्री, 20 बार एक सत्र, 10 सत्र प्रतिदिन।
- रक्तवर्धक दवाएं: आयरन + फोलिक एसिड सिरप, दो चम्मच दिन में दो बार।
- स्वच्छता: रोजाना स्नान करें।
- हाइड्रेशन: प्रतिदिन कम से कम 3 लीटर पानी पिएं।
- भाप और कुल्ला: स्टीम इनहेलेशन दिन में दो बार, माउथवॉश/कुल्ला दिन में तीन बार।
- इम्यूनोमॉड्यूलेटर: थैलिडोमाइड 100 एमजी, दिन में दो बार, 7 दिनों तक (गर्भवती महिलाओं को नहीं लें)।
- योग एवं मानसिक स्वास्थ्य: नियमित योग और व्यायाम करें, ध्यान कम से कम 30 मिनट प्रतिदिन।
प्रो. रे ने कहा कि आधुनिक चिकित्सा रोगी की जान बचा सकती है, लेकिन जीवनशैली सुधारकर शरीर को मजबूत बनाना और रोगों से बचाव करना भी बेहद जरूरी है। इस केस ने न केवल चिकित्सकीय सफलता का उदाहरण पेश किया है, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली और समय पर इलाज की अहमियत को भी उजागर किया है।





