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Noida Development: बिजली उपकरणों की गुणवत्ता जांच के लिए बनेगी समिति, तीन चरणों में होगी सख्त निगरानी

Noida Development: बिजली उपकरणों की गुणवत्ता जांच के लिए बनेगी समिति, तीन चरणों में होगी सख्त निगरानी

नोएडा और यमुना विकास प्राधिकरण क्षेत्र में बिजली से जुड़े विकास कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए अब सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने बिजली परियोजनाओं में उपयोग होने वाले उपकरणों और सामग्री की जांच के लिए एक विशेष समिति गठित करने का निर्णय लिया है। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य घटिया या बदले हुए सामान के इस्तेमाल को पूरी तरह रोकना और परियोजनाओं की गुणवत्ता को बेहतर बनाना है।

यीडा के सीईओ आरके सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि अब बिजली परियोजनाओं में इस्तेमाल होने वाली सभी सामग्रियों की तीन चरणों में जांच अनिवार्य रूप से की जाएगी। पहले चरण में संबंधित उपकरणों की जांच फैक्टरी स्तर पर की जाएगी, यानी सामग्री के उत्पादन के बाद और साइट पर भेजे जाने से पहले उसकी गुणवत्ता की पुष्टि की जाएगी। इसके बाद दूसरे चरण में ठेकेदार के स्टोर पर पहुंचने के बाद उसी सामग्री की दोबारा जांच होगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि फैक्टरी से जो सामान निकला था, वही सही स्थिति में स्टोर तक पहुंचा है।

तीसरे और सबसे महत्वपूर्ण चरण में, जहां पर उपकरणों को लगाया जाना है, उस साइट पर उनकी गुणवत्ता का अंतिम परीक्षण किया जाएगा। इस स्तर पर यह देखा जाएगा कि कहीं सामग्री में कोई बदलाव तो नहीं हुआ है और जो उपकरण लगाए जा रहे हैं, वे निर्धारित मानकों के अनुरूप हैं या नहीं। अधिकारियों का कहना है कि कई बार फैक्टरी में जांच के बाद साइट पर अलग या निम्न गुणवत्ता का सामान पहुंचने की शिकायतें सामने आती रही हैं, जिसे रोकने के लिए अब यह त्रिस्तरीय जांच व्यवस्था लागू की जा रही है।

इसके अलावा, प्राधिकरण ने पहले से पूरे हो चुके बिजली से जुड़े कार्यों की भी रेंडम जांच कराने का फैसला लिया है। इस जांच के दायरे में बिजलीघर, ट्रांसफार्मर, स्ट्रीट लाइट और अंडरग्राउंड केबलिंग जैसे प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल होंगे। इससे यह पता लगाया जाएगा कि कहीं पहले किए गए कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही या गड़बड़ी तो नहीं हुई है।

यीडा अधिकारियों का मानना है कि इस नई व्यवस्था से न केवल परियोजनाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि ठेकेदारों और संबंधित एजेंसियों की जवाबदेही भी तय होगी। साथ ही, क्षेत्र में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद बनाया जा सकेगा।

इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए एक विशेष कमेटी गठित की जाएगी, जो सभी चरणों की जांच को प्रभावी ढंग से लागू करने और समय-समय पर रिपोर्ट तैयार करने का काम करेगी। प्राधिकरण का यह कदम आने वाले समय में क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

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संवाददाता

Priyanka Singh

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