Mathura Murder: राधाकुंड में सनसनीखेज डकैती और हत्या, शिक्षा गुरु विनोद कृष्ण दास की गला दबाकर हत्या, लाखों के आभूषण और वाहन भी लूटे

Mathura Murder: राधाकुंड में सनसनीखेज डकैती और हत्या, शिक्षा गुरु विनोद कृष्ण दास की गला दबाकर हत्या, लाखों के आभूषण और वाहन भी लूटे

रिपोर्ट: सौरभ शर्मा

श्रद्धा और भक्ति की नगरी राधाकुंड उस समय दहल उठी जब बुधवार की देर शाम गोपी बिहार कॉलोनी में रहने वाले अधेड़ विनोद कृष्ण दास पांडे (56) का शव उनके घर में हाथ-पैर बंधी अवस्था में बरामद हुआ। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि बदमाशों ने पहले उनके साथ डकैती की और फिर गला दबाकर उनकी निर्मम हत्या कर दी। उनके घर से लाखों रुपये मूल्य के आभूषण, दो दोपहिया वाहन और ठाकुरजी की मूर्ति भी गायब पाई गई है।

घटना का खुलासा कैसे हुआ

विनोद कृष्ण दास, जो मूल रूप से उत्तराखंड के निवासी थे, बीते करीब 25 वर्षों से राधाकुंड में भजन-पूजन और परिक्रमा में लीन थे। पिछले 8 महीने से वह गोपी बिहार कॉलोनी स्थित अपने भाई के मकान में रह रहे थे। बुधवार को पूरे दिन जब घर में कोई हलचल नहीं दिखी, तो स्थानीय संत विष्णु दास बाबा ने शाम के वक्त घर का गेट खोलकर देखा। जैसे ही वह अंदर पहुंचे, तो ओपन किचन के पास विनोद कृष्ण दास का शव जमीन पर पड़ा मिला। शव उल्टा पड़ा था और उनके हाथ-पैर पीछे की ओर बंधे हुए थे।

बाबा ने तुरंत बाहर आकर शोर मचाया और राधाकुंड पुलिस चौकी को सूचना दी। इसके बाद थाना प्रभारी रवि त्यागी, सीओ अनिल कुमार सिंह और एसपी देहात सुरेश चंद रावत सहित फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

कॉलोनी में थे सम्मानित शिक्षा गुरु

गोपी बिहार कॉलोनी को राधाकुंड की वीआईपी कॉलोनियों में गिना जाता है, जहां दर्जन भर से अधिक मकान हैं। विनोद कृष्ण दास को लोग ‘शिक्षा गुरु’ के रूप में जानते थे। वे स्थानीय लोगों को धर्म और भक्ति का मार्ग दिखाते थे, खासकर राधारानी की भक्ति का प्रचार करते थे। सोहम चतुर्वेदी और अन्य स्थानीय निवासियों ने बताया कि विनोद सभी के गुरु समान थे, और उनकी हत्या ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है।

हत्या के समय को लेकर गहरा रहस्य

हत्या रात में हुई या दिन में, इसे लेकर पुलिस के पास अब तक कोई स्पष्ट सुराग नहीं है। सवाल उठ रहा है कि यदि हत्या रात में हुई तो सुबह फूल माला चढ़ाने वाले किसी भी भक्त को इसका आभास क्यों नहीं हुआ। इतना बड़ा मकान होने के बावजूद वहां सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे थे, जिससे जांच में बाधा आ रही है। हालांकि पुलिस आसपास के मकानों में लगे कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।

जांच में जुटी पुलिस, एसएसपी ने संभाली कमान

देर रात मथुरा के एसएसपी श्लोक कुमार भी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि हत्या के इस मामले की जांच के लिए चार अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं जो डकैती, हत्या, संदिग्ध संपर्क और कॉल डिटेल्स के आधार पर जांच कर रही हैं। पुलिस को यह भी आशंका है कि यह पूरी वारदात किसी जान-पहचान वाले या स्थानीय व्यक्ति की मदद से अंजाम दी गई हो।

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