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CBI Action: शुभकामना बिल्डटेक के खिलाफ सीबीआई की बड़ी कार्रवाई, धोखाधड़ी मामले में 10वीं चार्जशीट दाखिल

CBI Action: शुभकामना बिल्डटेक के खिलाफ सीबीआई की बड़ी कार्रवाई, धोखाधड़ी मामले में 10वीं चार्जशीट दाखिल

नोएडा। आवासीय परियोजनाओं में निवेश करने वाले हजारों घर खरीदारों से कथित धोखाधड़ी के मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्रेटर नोएडा स्थित शुभकामना बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशकों के खिलाफ 10वीं चार्जशीट दाखिल की है। जांच एजेंसी का आरोप है कि कंपनी ने निवेशकों और घर खरीदारों को आकर्षित करने के लिए भ्रामक प्रचार और झूठे वादों का सहारा लिया तथा प्राप्त धनराशि का उपयोग परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के बजाय अन्य उद्देश्यों में किया।

सीबीआई द्वारा की गई जांच में सामने आया कि कंपनी और उसके निदेशकों ने कथित रूप से सुनियोजित तरीके से खरीदारों को निवेश के लिए प्रेरित किया। आकर्षक योजनाओं, समय पर फ्लैट देने के वादों और बेहतर सुविधाओं के आश्वासन के आधार पर बड़ी संख्या में लोगों से धनराशि एकत्र की गई, लेकिन परियोजनाओं को निर्धारित समय में पूरा नहीं किया गया। इससे हजारों निवेशक और घर खरीदार प्रभावित हुए।

जांच एजेंसी ने बताया कि मामले की पड़ताल के दौरान एकत्र किए गए दस्तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों के आधार पर सक्षम न्यायालय में आरोप-पत्र दाखिल किया गया है। चार्जशीट में भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और आपराधिक न्यास भंग (क्रिमिनल ब्रीच ऑफ ट्रस्ट) जैसे गंभीर आरोप शामिल किए गए हैं।

सीबीआई का दावा है कि जांच में ऐसे पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं, जिनसे प्रथम दृष्टया कंपनी और उसके निदेशकों की भूमिका स्पष्ट होती है। अब इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया संबंधित न्यायालय में चलेगी, जहां प्रस्तुत साक्ष्यों और दस्तावेजों के आधार पर सुनवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद देशभर में बिल्डर कंपनियों और वित्तीय संस्थानों के कुछ अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ दर्ज कई मामलों की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी। वर्तमान में एजेंसी ऐसे करीब 50 मामलों की जांच कर रही है, जिनमें घर खरीदारों के साथ कथित वित्तीय अनियमितताओं और धोखाधड़ी के आरोप शामिल हैं।

सीबीआई के अनुसार, इससे पहले भी कई प्रमुख रियल एस्टेट कंपनियों और उनके निदेशकों के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल किए जा चुके हैं। इनमें रुद्रा बिल्डवेल कंस्ट्रक्शंस प्राइवेट लिमिटेड, ड्रीम प्रोकोन प्राइवेट लिमिटेड, जेपी इंफ्राटेक लिमिटेड, एवीजे डेवलपर्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड, सीएचडी डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, सीक्वेल बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड, लॉजिक्स सिटी डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड और मंजू जे होम्स इंडिया लिमिटेड जैसी कंपनियां शामिल हैं। कुछ मामलों में बैंकों और वित्तीय संस्थानों के अधिकारियों को भी आरोपी बनाया गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि रियल एस्टेट क्षेत्र में लंबित परियोजनाओं और खरीदारों की शिकायतों को देखते हुए यह कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे प्रभावित खरीदारों को न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ी है और रियल एस्टेट क्षेत्र में जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में भी इसे एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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