
Darbhanga (मृत्युंजय) : दरभंगा में NEET प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के बाद हुई हिंसा में नगर निगम की डिप्टी मेयर और कांग्रेस नेत्री नाजिया हसन की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पुलिस ने उन्हें लहेरियासराय थाना कांड संख्या 428/26 में नामजद अभियुक्त बनाया है।
घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में नाजिया हसन कथित तौर पर सड़क किनारे गड़ा बांस उखाड़कर हाथ में लिए दिखाई दे रही हैं। दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो प्रदर्शन के दौरान हुए हंगामे का है। हालांकि पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो की सत्यता और परिस्थितियों की जांच की जा रही है।
इसी बीच नाजिया हसन का एक और वीडियो सामने आया है। इसमें वह प्रदर्शनकारियों से अपील करती दिख रही हैं कि आंदोलन की अनुमति केवल लहेरियासराय टावर चौक तक है और किसी भी हालत में लोहिया चौक की ओर नहीं जाना है। वीडियो में वह यह भी कहती सुनाई देती हैं कि यदि उनकी बात नहीं मानी गई तो पुलिस कार्रवाई करेगी और उसकी जिम्मेदारी भी तय होगी। इस वीडियो को उनका पक्ष माना जा रहा है।
पुलिस ने इस मामले में 54 नामजद और 500 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। अब तक 32 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। वहीं 86 संदिग्धों की तस्वीरें जारी कर उनकी पहचान और गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
भाजपा जिला मंत्री बालेंदु झा ने डिप्टी मेयर नाजिया हसन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि प्रदर्शन के दौरान उनकी भूमिका संदिग्ध रही और पत्रकारों व पुलिसकर्मियों पर हुए हमले को देखते हुए उनकी जल्द गिरफ्तारी होनी चाहिए।
सदर एसडीपीओ राजीव कुमार ने पुष्टि की कि नाजिया हसन के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि मामले में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होगी। पुलिस वायरल वीडियो सहित सभी साक्ष्यों की गहन जांच कर रही है।
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है। वायरल वीडियो की फॉरेंसिक और तथ्यात्मक जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि प्रदर्शन के दौरान किसकी क्या भूमिका थी। वहीं दूसरी ओर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। ऐसे में अब सभी की नजर पुलिस जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई पर टिकी है।





