Bihar : गंडक और पहाड़ी नदियों के उफान से दर्जनों गांव जलमग्न, जनजीवन अस्त-व्यस्त

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West Champaran (मृत्युंजय) : जिले के कई प्रखंडों में पहाड़ी नदियों के जलस्तर में अचानक वृद्धि से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। गंडक नदी में पानी बढ़ने से बगहा के लक्ष्मीपुर पंचायत के चकदहवा गांव में घरों में पानी घुस गया है। लोग अपना सामान लेकर ऊंची जगहों की ओर पलायन कर रहे हैं।

योगापट्टी और नौतन प्रखंड में गंडक के बढ़े पानी से कई जगह सड़कें धंस गई हैं और बांध टूटने से दर्जनों गांवों का संपर्क टूट गया है। योगापट्टी के चौमुख पंचायत में कच्ची सड़कों पर पानी भर जाने के बाद ग्रामीणों ने आपसी सहयोग से चंदा इकट्ठा कर एक लंबा चचरी पुल बनाया है।

रामनगर प्रखंड की स्थिति सबसे गंभीर है। यहां बनकटवा, करमइया और नौरंगिया पंचायतों के 22 गांव हर बारिश के बाद आधा दर्जन नदियों के उफान के बीच फंस जाते हैं। मजबूरी यह है कि आज तक इन नदियों पर पुल नहीं बना है। बरसात से पहले लोग घर का जरूरी सामान पहले से खरीदकर रख लेते हैं, लेकिन आपात स्थिति में नदी पार करना उनके लिए जीवन और मौत के बीच का संघर्ष बन जाता है। रामनगर के पथरी और चुड़ीहरवा के बीच नदी में उफान के दौरान लोगों को चार-चार घंटे किनारे बैठकर अन्य राहगीरों के इकट्ठा होने का इंतजार करना पड़ता है, ताकि एक-दूसरे के सहारे नदी पार की जा सके।

नौतन के बैरिया क्षेत्र में गंडक के पानी से सैकड़ों एकड़ फसल बर्बाद हो गई है। रामनगर में कापन, हारहा, खुर्द और मसान नदी भी उफान पर हैं। जिला प्रशासन ने प्राकृतिक आपदा से संबंधित जानकारी के लिए सहायता नंबर जारी किया है। अधिकारियों के अनुसार रामरेखा और हारहा नदी में डूबने से अब तक दो लोगों की मौत हो चुकी है।

नदियों के रौद्र रूप से रामनगर, बगहा, योगापट्टी और नौतन प्रखंड के गांवों में सड़कें टूटी हैं, संपर्क मार्ग जलमग्न हैं और खेत पानी में डूबे हैं। ग्रामीणों ने पुल और पक्के संपर्क मार्ग की मांग की है ताकि हर साल आने वाली इस मुसीबत से राहत मिल सके।