Ayushman Arogya Mandir: नोएडा के गांवों में घर के पास मिलेगा इलाज, ककराला में बनेगा पहला केंद्र
नोएडा। शहर के साथ अब नोएडा के ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की तैयारी शुरू हो गई है। गांवों के लोगों को प्राथमिक इलाज के लिए दूर अस्पतालों तक न जाना पड़े, इसके लिए आयुष्मान आरोग्य मंदिर विकसित किए जाएंगे। इसकी शुरुआत ककराला गांव से होगी, जहां नोएडा का पहला आयुष्मान आरोग्य मंदिर ट्रायल के तौर पर बनाया जाएगा। प्रयोग सफल रहने के बाद योजना को चरणबद्ध तरीके से नोएडा के सभी गांवों तक पहुंचाने की तैयारी है।
आयुष्मान आरोग्य मंदिर केंद्र सरकार की प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों के घर के नजदीक पहुंचाने की महत्वपूर्ण पहल है। इसके तहत स्वास्थ्य उपकेंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को बेहतर सुविधाओं के साथ विकसित कर व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। इन केंद्रों का उद्देश्य केवल बीमार होने पर इलाज उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि बीमारियों की रोकथाम, समय पर पहचान और लोगों को स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना भी है।
ककराला में प्रस्तावित आरोग्य मंदिर में ग्रामीणों को कई प्रकार की स्वास्थ्य जांच की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है। आवश्यक दवाएं भी निशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं के लिए लोगों को शहर के बड़े सरकारी या निजी अस्पतालों तक जाने की जरूरत कम हो सकेगी।
इन केंद्रों पर मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी गैर-संचारी बीमारियों की नियमित जांच पर भी विशेष जोर रहेगा। ऐसी बीमारियां शुरुआती दौर में कई बार स्पष्ट लक्षण नहीं दिखाती हैं। नियमित स्क्रीनिंग के माध्यम से समय रहते इनकी पहचान होने पर मरीजों को आवश्यक उपचार और चिकित्सकीय सलाह से जोड़ा जा सकेगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए भी आयुष्मान आरोग्य मंदिर महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। केंद्र पर मातृ एवं बाल स्वास्थ्य से संबंधित सेवाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था होगी। गर्भावस्था के दौरान आवश्यक देखभाल, नियमित स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण और बच्चों के पोषण से संबंधित जानकारी तथा परामर्श दिया जाएगा।
इसके अलावा मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित बुनियादी परामर्श की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। आंख, कान, नाक और गले से जुड़ी सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं के लिए प्राथमिक स्तर की सेवाएं देने की व्यवस्था भी आरोग्य मंदिर की सुविधाओं में शामिल होगी। आवश्यकता पड़ने पर मरीजों को उच्च चिकित्सा केंद्रों के लिए रेफर किया जा सकेगा।
इस योजना की सबसे महत्वपूर्ण बात स्वास्थ्य सेवाओं को ग्रामीणों के घर के नजदीक उपलब्ध कराना है। अभी कई गांवों के लोगों को सामान्य जांच, दवा या चिकित्सकीय सलाह के लिए भी दूर स्थित अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों का रुख करना पड़ता है। गांव में ही आरोग्य मंदिर शुरू होने से समय और यात्रा खर्च दोनों की बचत होने की उम्मीद है।
नोएडा प्राधिकरण के जीएम एके अरोड़ा के मुताबिक ककराला गांव को पहले आयुष्मान आरोग्य मंदिर के लिए चुना गया है। यहां केंद्र तैयार होने के बाद इसकी कार्यप्रणाली, उपलब्ध सुविधाओं और ग्रामीणों को मिलने वाले लाभ का आकलन किया जाएगा।
ट्रायल के परिणामों के आधार पर इस मॉडल को नोएडा के अन्य गांवों में भी लागू करने की तैयारी है। योजना के तहत सभी गांवों में एक-एक आयुष्मान आरोग्य मंदिर विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं का स्थानीय नेटवर्क तैयार हो सकेगा।
सभी गांवों तक योजना का विस्तार होने पर प्राथमिक इलाज के लिए बड़े अस्पतालों पर निर्भरता कम होने के साथ बीमारियों की शुरुआती पहचान में भी मदद मिलने की उम्मीद है। ककराला में बनने वाला पहला केंद्र इस पूरी योजना के लिए मॉडल के तौर पर काम करेगा।


