Army Raksha Bandhan: राखी के धागे में बंधा सेना और देश का भरोसा, छात्राओं ने सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ को बांधी राखी
नई दिल्ली। रक्षाबंधन के अवसर पर देश और सेना के बीच भरोसे, सम्मान और आत्मीयता का रिश्ता और मजबूत नजर आया। आर्मी हाउस में दिल्ली, फरीदाबाद और करनाल के 14 स्कूलों की 38 छात्राओं ने थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ को राखी बांधकर रक्षाबंधन का पर्व मनाया। इस दौरान छात्राओं ने सेना प्रमुख के साथ संवाद किया और देश की सुरक्षा में तैनात जवानों के प्रति सम्मान व्यक्त किया।
रक्षाबंधन के इस विशेष कार्यक्रम में अलग-अलग स्कूलों की छात्राओं ने हिस्सा लिया। इनमें विशेष बच्चों के स्कूल आशा की छात्राओं के साथ दृष्टिबाधित बच्चों के विद्यालय की बच्चियां भी शामिल थीं। छात्राओं ने सेना प्रमुख की कलाई पर राखी बांधकर उनके स्वस्थ और सुरक्षित जीवन की कामना की।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ और उनकी पत्नी एवं आर्मी वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन (एएडब्ल्यूए) की अध्यक्ष कोमल सेठ से भी बातचीत की। सेना और विद्यार्थियों के बीच हुए इस संवाद ने रक्षाबंधन के पर्व को विशेष बना दिया।
जनरल धीरज सेठ ने छात्राओं को जीवन में आत्मविश्वास, अनुशासन और दृढ़ संकल्प बनाए रखने का संदेश दिया। उन्होंने बच्चों को अपने लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें हासिल करने के लिए निरंतर मेहनत करने के लिए प्रेरित किया।
रक्षाबंधन का उत्साह केवल आर्मी हाउस तक सीमित नहीं रहा। देश के विभिन्न हिस्सों में तैनात जवानों के साथ भी स्कूली बच्चों और स्थानीय लोगों ने यह पर्व मनाया। सीमावर्ती और दूरदराज के इलाकों में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान जवानों की कलाई पर राखी बांधकर उनके प्रति सम्मान और स्नेह व्यक्त किया गया।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भी स्थानीय लोगों और बच्चों ने सेना के जवानों के साथ रक्षाबंधन मनाया। इसी तरह सिक्किम, उत्तर बंगाल और पूर्वोत्तर के विभिन्न हिस्सों में सेना की इकाइयों के साथ स्थानीय समुदायों ने त्योहार की खुशियां साझा कीं।
इन कार्यक्रमों में स्कूलों के विद्यार्थियों के साथ एनसीसी कैडेट्स, महिला समूहों और स्थानीय संगठनों की भी भागीदारी रही। उन्होंने जवानों को राखी बांधकर देश की रक्षा में उनके योगदान के लिए शुभकामनाएं दीं।
रक्षाबंधन के अवसर पर आयोजित इन कार्यक्रमों ने सेना और नागरिकों के बीच जुड़ाव का संदेश दिया। आर्मी हाउस से लेकर देश के सीमावर्ती क्षेत्रों तक राखी का यह पर्व जवानों के प्रति सम्मान और विश्वास की भावना के साथ मनाया गया।


