World Book Fair Delhi: जागरूक, जिज्ञासु और ज्ञान सम्पन्न युवा ही भारत की सबसे बड़ी शक्ति: सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी

World Book Fair Delhi: जागरूक, जिज्ञासु और ज्ञान सम्पन्न युवा ही भारत की सबसे बड़ी शक्ति: सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी
नई दिल्ली, 18 जनवरी। थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने शनिवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित विश्व पुस्तक मेले का दौरा किया और देश के भविष्य में युवाओं की भूमिका को लेकर महत्वपूर्ण विचार साझा किए। अपने दौरे के दौरान उन्होंने सैन्य एवं नागरिक लेखकों से संवाद किया, कतर अंतरराष्ट्रीय स्टॉल, संयुक्त राष्ट्र उपकरण प्रदर्शनी और बाल मंडप का अवलोकन किया तथा पुस्तक मेले में प्रस्तुत विविध विषयों और आयोजनों की सराहना की।
सेना प्रमुख ने कहा कि भारत का भविष्य उसके युवाओं में निहित है और पुस्तकों की भूमिका युवाओं को जागरूक, विवेकशील और आलोचनात्मक सोच से संपन्न बनाने में अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि जैसे-जैसे भारत ‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे जागरूक, जिज्ञासु और ज्ञान सम्पन्न युवा देश की सबसे बड़ी ताकत बनते जा रहे हैं। ऐसे युवा न केवल राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया को मजबूत करेंगे, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारत की पहचान को भी सुदृढ़ करेंगे।
जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने राष्ट्रीय पुस्तक न्यास की विशेष रूप से सराहना करते हुए कहा कि एनबीटी विश्व पुस्तक मेले के माध्यम से भारत की समृद्ध सभ्यतागत, वैज्ञानिक और सैन्य विरासत को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस तरह के मंच युवाओं को देश की गौरवशाली विरासत से जोड़ने के साथ-साथ उनमें नए विचार, रचनात्मकता और अध्ययन की संस्कृति को भी प्रोत्साहित करते हैं। पुस्तक मेले जैसे आयोजन ज्ञान के आदान-प्रदान और विचारों के संवाद का सशक्त माध्यम बनते हैं, जो समाज और राष्ट्र दोनों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।
सेना प्रमुख के इस संदेश को पुस्तक प्रेमियों और युवाओं के बीच विशेष रूप से सराहा गया। उनका मानना है कि पढ़ने की आदत, सही कंटेंट और बौद्धिक जिज्ञासा ही आने वाले समय में भारत को एक सशक्त, आत्मनिर्भर और वैश्विक नेतृत्वकर्ता राष्ट्र बनाने में निर्णायक भूमिका निभाएगी।




