Saturday, 7 November 2026निष्पक्ष खबरें • बेबाक नज़रिया
TOP STORY
THE COMPLETE NEWSROOMखबर पूरी। नज़रिया साफ़।भारत से आपके शहर तक
▤ ई-पेपर पढ़ें ↗
BREAKING NEWS
Lucknow : भैया दूज के बाद फिर बंटेंगे नियुक्ति पत्र, शिक्षा, पुलिस, राजस्व में युवाओं को मिलेगी नौकरी- मुख्यमंत्री योगीLucknow : अब कोई भाई-भतीजावाद नहीं, 25 करोड़ जनता ही परिवार- सीएम योगीLucknow : योगी सरकार में पारदर्शी भर्ती से मिली खाकी वर्दी, सीएम के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर खिले चेहरेLucknow : दीपावली और छठ पूजा पर अलर्ट मोड में रहेंगे मेडिकल कॉलेज, 24 घंटे सक्रिय रहेंगी इमरजेंसी सेवाएंLucknow : योगी सरकार आपदा में जान गंवाने वालों के परिवार को देगी अब आठ लाख की आर्थिक मददAyodhya : उप राष्ट्रपति के आगमन से दीप प्रज्ज्वलन तक, रामनगरी में मजिस्ट्रेटों को अलग-अलग कमानMathura : वृंदावन में धीरेंद्र शास्त्री के समर्थन में उतरा संत समाज, बोला संतों का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तानChandigarh : चुनाव से पहले विपक्षी नेताओं को डराने-धमकाने के लिए भाजपा ईडी , सीबीआई, इनकम टैक्स और इलेक्शन कमीशन का दुरुपयोग कर रही है- हरपाल सिंह चीमा

Akash Ambani: “मेरे लिए काम के घंटे नहीं, बल्कि काम की गुणवत्ता मायने रखती है”

Akash Ambani
Akash Ambani: "मेरे लिए काम के घंटे नहीं, बल्कि काम की गुणवत्ता मायने रखती है"

Akash Ambani ने कार्यस्थल पर बिताए जाने वाले घंटों की बजाय काम की गुणवत्ता को प्राथमिकता देने की बात कही। जानें उनके विचार और एआई क्षेत्र में जियो की योजनाएं।

Akash Ambani का बड़ा बयान: काम के घंटे नहीं, गुणवत्ता महत्वपूर्ण

रिलायंस जियो इन्फोकॉम के चेयरमैन Akash Ambani ने हाल ही में ‘मुंबई टेक वीक’ कार्यक्रम में अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि उनके लिए किसी दफ्तर में बिताए गए कामकाजी घंटों से अधिक महत्वपूर्ण काम की गुणवत्ता है। उन्होंने यह भी कहा कि काम और परिवार दोनों ही उनके जीवन की प्राथमिकताएं हैं और जीवन में प्राथमिकताओं को समझना जरूरी है।

काम के घंटे बनाम गुणवत्ता: क्या कहते हैं उद्योगपति?

हाल ही में इंफोसिस के संस्थापक नारायणमूर्ति ने भारतीयों को हफ्ते में 70 घंटे काम करने की सलाह दी थी, जिससे यह बहस छिड़ गई कि काम के घंटे अधिक महत्वपूर्ण हैं या काम की गुणवत्ता। कुछ उद्योगपतियों ने 90 घंटे काम करने की वकालत की, तो कुछ ने कम घंटों में अधिक उत्पादकता की बात कही।

जियो की एआई रणनीति और भविष्य की योजनाएं

Akash Ambani ने बताया कि जियो ने 1,000 से अधिक डेटा वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और इंजीनियरों की एक टीम बनाई है, जो कृत्रिम मेधा (AI) के क्षेत्र में मार्गदर्शन करेगी। इसके अलावा, कंपनी जामनगर में एक गीगावाट क्षमता का डेटा सेंटर बना रही है, जो भारत की एआई यात्रा में मदद करेगा।

जियो का ग्राफिक प्रोसेसिंग यूनिट (GPU) पर फोकस

जियो अब ग्राफिक प्रसंस्करण इकाइयों (GPU) की पेशकश पर भी विचार कर रही है, जिससे डेटा प्रोसेसिंग और एआई विकास में तेजी आएगी।

निष्कर्ष

Akash Ambani का यह बयान मौजूदा बहस के बीच काम के घंटे बनाम काम की गुणवत्ता के मुद्दे पर एक नया दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है। इसके साथ ही, जियो की एआई और डेटा सेंटर योजनाएं भारत की डिजिटल क्रांति में एक नया अध्याय जोड़ने वाली हैं।

इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया

Avatar photo
संवाददाता

Priyanka Singh

संबंधित खबरें