
AIIMS Patient Safety Workshop: राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थानों के लिए मॉडल बनेगी AIIMS की पेशेंट सेफ्टी कार्यशाला
नई दिल्ली, 21 जनवरी : एम्स दिल्ली में ‘इंसिडेंट रिपोर्टिंग ऑन पेशेंट सेफ्टी’ विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में देश के सभी एम्स, राष्ट्रीय महत्व के संस्थान और दिल्ली सरकार के अस्पतालों के प्रशासक, चिकित्सक, माइक्रोबायोलॉजिस्ट, पेशेंट सेफ्टी अधिकारी, नर्स और नीति-निर्माता शामिल हुए।
एम्स निदेशक डॉ. एम. श्रीनिवास ने कहा कि मरीजों की सुरक्षा स्वास्थ्य सेवा का नैतिक दायित्व है और प्रतिकूल घटनाओं की रिपोर्टिंग से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार संभव है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. निरुपम मदान ने बताया कि कार्यशाला में हैंड्स-ऑन तकनीकों और विशेषज्ञों के विचारों के माध्यम से पेशेवरों को प्रतिकूल घटनाओं को दर्ज करने और संकलित करने में मदद मिलेगी।
कार्यशाला में यह तथ्य भी साझा किया गया कि अस्पताल में भर्ती प्रत्येक 10 में से लगभग 1 मरीज किसी न किसी प्रतिकूल घटना से प्रभावित होता है। इसमें अस्पतालों और स्वास्थ्यकर्मियों की जिम्मेदारी, देखभाल प्रक्रिया में पेशेंट सेफ्टी की भूमिका और मरीजों की स्वयं की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
विश्व स्वास्थ्य संगठन की क्षेत्रीय सलाहकार डॉ. अपर्णा शाह और पेशेंट सेफ्टी के उप महानिदेशक डॉ. स्वस्तिचरण भी कार्यशाला में उपस्थित रहे। यह कार्यशाला राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थानों के लिए मॉडल के रूप में कार्य करेगी।
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