Mecca Security Alert: मक्का की दिशा में बढ़ते ड्रोन को सऊदी एयर डिफेंस ने मार गिराया, हूती ने आरोप नकारे
रियाद। सऊदी अरब के पवित्र शहर मक्का की सुरक्षा को लेकर उस समय अलर्ट जारी किया गया, जब सऊदी अधिकारियों के अनुसार यमन के हूती समूह की ओर से भेजा गया एक ड्रोन शहर की दिशा में बढ़ता पाया गया। सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन का दावा है कि ड्रोन को मक्का के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में पहुंचने से पहले शहर के दक्षिण में इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया गया। दूसरी ओर हूती समूह ने मक्का को निशाना बनाने के आरोप से इनकार किया है।
संभावित हवाई खतरे को देखते हुए मक्का में आपात सुरक्षा चेतावनी जारी की गई। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई। धार्मिक महत्व के कारण मक्का की सुरक्षा से जुड़ी किसी भी चेतावनी को बेहद संवेदनशील माना जाता है।
सऊदी गठबंधन के मुताबिक ड्रोन प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र की ओर बढ़ रहा था। खतरे की पहचान होते ही एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय किया गया और उसे शहर तक पहुंचने से पहले नष्ट कर दिया गया। इसके बाद सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता बढ़ाई गई।
सऊदी अधिकारियों ने घटना के लिए हूती समूह को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि धार्मिक स्थलों और वहां मौजूद लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी संभावित हवाई खतरे से निपटने के लिए आवश्यक उपाय जारी रखने की बात कही गई है।
हूती समूह ने सऊदी आरोपों को खारिज किया है। समूह का कहना है कि उसने मक्का या इस्लाम के अन्य पवित्र स्थलों को निशाना नहीं बनाया और उसकी सैन्य कार्रवाइयों का लक्ष्य धार्मिक स्थल नहीं हैं।
दोनों पक्षों के विपरीत दावों के कारण घटना की परिस्थितियों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। सऊदी पक्ष ड्रोन को मक्का की दिशा में बढ़ता हुआ बता रहा है, जबकि हूती समूह पवित्र शहर को निशाना बनाने से इनकार कर रहा है।
मक्का इस्लाम का सबसे पवित्र शहर है। यहां मस्जिद अल-हरम और काबा स्थित हैं, जहां दुनिया भर से लाखों श्रद्धालु हज और उमरा के लिए पहुंचते हैं। इसी वजह से शहर और उसके आसपास किसी भी सुरक्षा खतरे को बेहद गंभीरता से लिया जाता है।
घटना के बाद पवित्र स्थलों की सुरक्षा को लेकर मुस्लिम जगत में भी चिंता जताई गई। मक्का और मदीना जैसे धार्मिक स्थलों की सुरक्षा बनाए रखने की आवश्यकता पर प्रतिक्रियाएं सामने आईं।
यह घटनाक्रम मध्य पूर्व में पहले से मौजूद तनावपूर्ण हालात के बीच सामने आया है। यमन के हूती समूह से जुड़े ड्रोन और मिसाइल हमलों को लेकर क्षेत्र में लंबे समय से तनाव बना हुआ है। लाल सागर और बाब अल-मंदेब के आसपास की सुरक्षा भी अंतरराष्ट्रीय चिंता का विषय रही है।
लाल सागर वैश्विक व्यापार का महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों का असर अंतरराष्ट्रीय जहाजों और व्यापारिक आवाजाही पर भी पड़ सकता है, इसलिए हूती गतिविधियों पर कई देशों की नजर रहती है।
फिलहाल सऊदी सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। ड्रोन को नष्ट किए जाने के सऊदी दावे और हूती पक्ष के इनकार के बीच आगे आने वाली आधिकारिक जानकारी से घटना की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।
