National Film Awards: 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में अनंत नाग को दादा साहब फाल्के सम्मान, कार्तिक आर्यन और ममूटी बने संयुक्त बेस्ट एक्टर
नई दिल्ली। 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स का भव्य समारोह मंगलवार 22 सितंबर को गुजरात के केवड़िया स्थित एकता नगर में आयोजित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने समारोह में विभिन्न श्रेणियों के विजेताओं को सम्मानित किया। इस बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह की खास बात यह रही कि 72 साल की परंपरा में पहली बार इसका आयोजन नई दिल्ली से बाहर किया गया। समारोह में भारतीय सिनेमा के अलग-अलग क्षेत्रों और भाषाओं से जुड़े कुल 92 विजेताओं को सम्मानित किया गया।
समारोह का सबसे बड़ा आकर्षण दिग्गज कन्नड़ अभिनेता अनंत नाग को 2024 का दादा साहब फाल्के पुरस्कार दिए जाने का रहा। भारतीय सिनेमा में पांच दशक से अधिक लंबे योगदान के लिए उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया गया। पुरस्कार प्राप्त करते समय अनंत नाग को स्टैंडिंग ओवेशन भी मिला। उन्होंने अपने लंबे फिल्मी सफर में कन्नड़ के साथ हिंदी और दूसरी भारतीय भाषाओं की फिल्मों में भी काम किया है।
बेस्ट एक्टर के पुरस्कार में इस बार दो बड़े नामों को संयुक्त सम्मान मिला। हिंदी फिल्म ‘चंदू चैंपियन’ के लिए कार्तिक आर्यन और मलयालम फिल्म ‘ब्रह्मयुगम’ के लिए ममूटी को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय पुरस्कार दिया गया। कार्तिक आर्यन के लिए यह पहला नेशनल फिल्म अवॉर्ड है, जबकि ममूटी के लिए यह चौथा राष्ट्रीय पुरस्कार है।
सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का सम्मान हिंदी फिल्म ‘आर्टिकल 370’ के लिए यामी गौतम को मिला। यामी पुरस्कार समारोह में अपने पति और फिल्म निर्देशक आदित्य धर के साथ पहुंचीं। ‘आर्टिकल 370’ को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का पुरस्कार भी मिला, जिससे फिल्म ने समारोह में एक से अधिक प्रमुख सम्मान अपने नाम किए।
निर्देशन के क्षेत्र में ‘अमरन’ के लिए राजकुमार पेरियासामी को सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला। वहीं अभिनेता रणदीप हुड्डा को ‘स्वातंत्र्य वीर सावरकर’ के लिए बेस्ट डेब्यू फिल्म ऑफ ए डायरेक्टर का सम्मान दिया गया। रणदीप हुड्डा इस फिल्म के जरिए निर्देशन में उतरे थे और राष्ट्रीय पुरस्कार मिलने पर उन्होंने इसे अपने लिए विशेष उपलब्धि बताया।
तेलुगु सिनेमा की चर्चित फिल्म ‘पुष्पा 2: द रूल’ ने भी राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। फिल्म के लिए सुकुमार को सर्वश्रेष्ठ स्क्रीनप्ले का सम्मान मिला, जबकि दीपाली नूर और शीतल शर्मा को बेस्ट कॉस्ट्यूम डिजाइन का पुरस्कार दिया गया।
संगीत और गीत के क्षेत्र में भी कई प्रमुख नामों को सम्मान मिला। ‘आर्टिकल 370’ के लिए शाश्वत सचदेव को बेस्ट म्यूजिक डायरेक्शन यानी सॉन्ग्स कैटेगरी में पुरस्कार मिला। वहीं फिल्म ‘मैदान’ के गाने ‘जाने दो’ के लिए गीतकार मनोज मुंतशिर को बेस्ट लिरिक्स का राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किया गया। मनोज मुंतशिर के लिए यह दूसरा राष्ट्रीय पुरस्कार है।
मलयालम फिल्म ‘ARM’ के गाने ‘अंगु वाना कोनिलु’ के लिए वैकोम विजयलक्ष्मी को बेस्ट फीमेल प्लेबैक सिंगर का सम्मान मिला। पुरस्कार लेते समय उन्हें समारोह में स्टैंडिंग ओवेशन भी मिला। इस सम्मान ने दक्षिण भारतीय संगीत जगत की उपलब्धियों को भी राष्ट्रीय मंच पर प्रमुखता दी।
तमिल सिनेमा से धनुष की फिल्म ‘रायन’ को बेस्ट तमिल फीचर फिल्म का पुरस्कार मिला। खास बात यह रही कि धनुष ने इस फिल्म की कहानी लिखने, निर्देशन करने और अभिनय करने की जिम्मेदारी भी निभाई थी। इसके अलावा उनकी फिल्म ‘कैप्टन मिलर’ के लिए उन्हें स्पेशल मेंशन का सम्मान भी मिला, जिससे इस समारोह में धनुष के खाते में दो अलग-अलग उपलब्धियां आईं।
हिंदी सिनेमा की फिल्म ‘श्रीकांत’ को सर्वश्रेष्ठ हिंदी फिल्म का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला। निर्देशक तुषार हीरानंदानी और निर्माता भूषण कुमार ने यह सम्मान प्राप्त किया। इस फिल्म की कहानी और प्रस्तुति के लिए इसे राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली और समारोह में इसे हिंदी सिनेमा की प्रमुख विजेता फिल्मों में जगह मिली।
समारोह की शुरुआत वंदे मातरम के गायन से हुई और इसके बाद राष्ट्रगान भी प्रस्तुत किया गया। राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के इस आयोजन में परंपरा और बदलाव दोनों देखने को मिले। पहली बार दिल्ली के बाहर आयोजन के साथ एकता नगर को राष्ट्रीय सिनेमा समारोह के लिए चुना गया।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी समारोह को दिल्ली से बाहर आयोजित करने के फैसले पर बात की। उन्होंने कहा कि भविष्य में देश के अलग-अलग प्रमुख पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह के आयोजन के लिए चुने जाने की दिशा में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से सुझाव लिए जा सकते हैं। उनका कहना था कि इस तरह देश के महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय स्तर के आयोजनों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने एकता नगर में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह आयोजित होने को राज्य के लिए गर्व का अवसर बताया। उन्होंने सिनेमा को समाज का आईना बताते हुए समारोह के आयोजन का स्वागत किया। इस दौरान एकता नगर में समारोह के लिए विशेष तैयारियां की गई थीं और फिल्म जगत की कई हस्तियों ने इसमें शिरकत की।
72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में इस बार अलग-अलग भारतीय भाषाओं और सिनेमा की विविधता को व्यापक मंच मिला। समारोह में अनंत नाग के दादा साहब फाल्के सम्मान से लेकर कार्तिक आर्यन, ममूटी, यामी गौतम, रणदीप हुड्डा, धनुष, मनोज मुंतशिर और सुकुमार जैसे नामों ने अलग-अलग श्रेणियों में पुरस्कार हासिल किए। इस आयोजन ने एक तरफ भारतीय सिनेमा के दिग्गज कलाकारों को सम्मान दिया, वहीं दूसरी तरफ नई प्रतिभाओं और विभिन्न क्षेत्रीय फिल्म उद्योगों की उपलब्धियों को भी राष्ट्रीय पहचान दी।


