Patanjali Controversy: रामदेव और बृजभूषण शरण सिंह के बीच विवाद खत्म, बोले- पतंजलि घी में मिलावट नहीं; मानहानि केस भी वापस

Patanjali Controversy: रामदेव और बृजभूषण शरण सिंह के बीच विवाद खत्म, बोले- पतंजलि घी में मिलावट नहीं; मानहानि केस भी वापस

नई दिल्ली। योग गुरु बाबा रामदेव और पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह के बीच पिछले दिनों से चल रहा विवाद अब खत्म होने की बात सामने आई है। रामदेव ने बुधवार को दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि बृजभूषण शरण सिंह के साथ बातचीत के बाद आपसी गलतफहमियां दूर हो गई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पतंजलि के घी और दवाओं को लेकर लगाए गए आरोप सही नहीं हैं और कंपनी के किसी उत्पाद को खराब या प्रतिबंधित बताए जाने की बातें गलत हैं।

विवाद की शुरुआत बृजभूषण शरण सिंह की ओर से पतंजलि के उत्पादों को लेकर की गई टिप्पणियों से हुई थी। उन्होंने एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान पतंजलि के घी और अन्य उत्पादों की गुणवत्ता पर सवाल उठाए थे। उनके बयानों के बाद मामला सार्वजनिक बहस का विषय बन गया और पतंजलि की ओर से उनके खिलाफ 50 करोड़ रुपये का मानहानि दावा किए जाने की जानकारी सामने आई थी।

अब रामदेव का कहना है कि दोनों नेताओं के बीच आमने-सामने हुई बातचीत के बाद विवाद की वजह बनी गलतफहमियां दूर हो गईं। उनके अनुसार, बृजभूषण शरण सिंह कुछ बातों को सुनी-सुनाई जानकारी के आधार पर देख रहे थे। बातचीत के बाद उन्हें पतंजलि के उत्पादों के बारे में जानकारी दी गई और मामले को आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया गया।

रामदेव ने पतंजलि के घी में मिलावट के आरोपों को भी खारिज किया। उन्होंने कहा कि पतंजलि का गाय का घी मिलावटी नहीं है और उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर उठाए जा रहे सवालों का वैज्ञानिक परीक्षण कराया जा सकता है। उन्होंने जांच के लिए प्रयोगशाला परीक्षण की बात भी कही और दावा किया कि कंपनी अपने उत्पादों के मानकों को लेकर आश्वस्त है।

रामदेव ने यह भी कहा कि पतंजलि की किसी दवा या उत्पाद पर सुप्रीम कोर्ट की ओर से कोई सामान्य प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। उन्होंने ऐसी चर्चाओं को गलत सूचना बताया और कहा कि कंपनी के उत्पादों को लेकर कई तरह की बातें फैलाई जा रही हैं, जिनका वास्तविक स्थिति से मेल जरूरी नहीं है।

बृजभूषण शरण सिंह के साथ विवाद खत्म होने के बाद मानहानि मामले को वापस लेने की बात भी सामने आई है। रामदेव के अनुसार, आपसी बातचीत के बाद अब उस कानूनी विवाद को आगे बढ़ाने की जरूरत नहीं रही। इससे दोनों पक्षों के बीच सार्वजनिक तौर पर चल रही बयानबाजी पर विराम लगने के संकेत मिले हैं।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रामदेव ने पतंजलि के कारोबार और उसकी कार्यप्रणाली से जुड़े दूसरे मुद्दों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि कंपनी आयुर्वेद को आधुनिक विज्ञान के साथ जोड़कर आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही है। उनके अनुसार, पतंजलि की गतिविधियां भारत के पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक तकनीकी प्रक्रियाओं के बीच समन्वय पर आधारित हैं।

रामदेव ने दवाओं और उनके प्रचार से जुड़े मौजूदा कानूनी ढांचे पर भी सवाल उठाए। उन्होंने Drugs and Magic Remedies Act को पुराना बताते हुए इसमें बदलाव की आवश्यकता जताई। उनके अनुसार, मौजूदा कानून और आधुनिक वैज्ञानिक परिस्थितियों के बीच कई अंतर हैं और इस विषय में सरकार के स्तर पर सुधार की जरूरत है।

उन्होंने यह भी कहा कि इस कानून में बदलाव के लिए प्रधानमंत्री के समक्ष प्रस्ताव रखा गया है। रामदेव का तर्क है कि आयुर्वेद और आधुनिक शोध के क्षेत्र में हो रहे बदलावों को देखते हुए नियमों और कानूनों की समीक्षा जरूरी है।

पतंजलि से जुड़े रोजगार के आंकड़ों का उल्लेख करते हुए रामदेव ने कहा कि कंपनी ने बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार दिया है और आने वाले वर्षों में रोजगार के अवसरों को और बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने आयुर्वेद और योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने की अपनी कोशिशों का भी उल्लेख किया।

बृजभूषण शरण सिंह और रामदेव के बीच विवाद के खत्म होने के बाद अब दोनों पक्षों की ओर से आगे किसी तरह की सार्वजनिक बयानबाजी होती है या नहीं, इस पर नजर रहेगी। फिलहाल रामदेव ने स्पष्ट किया है कि आपसी बातचीत के बाद विवाद सुलझ गया है और पतंजलि के उत्पादों को लेकर उठाए गए मिलावट के आरोपों को वह स्वीकार नहीं करते।

मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर लगाए गए आरोप और उनके जवाब अब सार्वजनिक दावों के स्तर पर हैं। किसी विशेष बैच या उत्पाद में वास्तविक मिलावट का सवाल किसी स्वतंत्र प्रमाणित परीक्षण या आधिकारिक जांच के आधार पर ही तय किया जा सकता है। रामदेव ने इस दिशा में प्रयोगशाला परीक्षण की संभावना का उल्लेख किया है।

फिलहाल रामदेव और बृजभूषण शरण सिंह के बीच विवाद खत्म होने की बात कही गई है और मानहानि की कानूनी कार्रवाई वापस लेने की जानकारी सामने आई है। वहीं, पतंजलि के घी और दवाओं को लेकर चल रही चर्चाओं पर रामदेव ने कंपनी का पक्ष रखते हुए सभी आरोपों को खारिज किया है।

 

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