Electricity Bills: नोएडा के देहात क्षेत्रों में 70 प्रतिशत से अधिक उपभोक्ता नहीं जमा कर रहे बिजली बिल, कनेक्शन काटने की तैयारी
गौतमबुद्धनगर जिले के देहात क्षेत्रों में बिजली बिल जमा नहीं करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या लगातार बढ़ी हुई है। विद्युत निगम के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में 70 प्रतिशत से अधिक उपभोक्ता नियमित रूप से बिजली बिल जमा नहीं कर रहे हैं। इसके चलते विभाग को हर महीने राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है। खास बात यह है कि पिछले एक साल में ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति की स्थिति में सुधार हुआ है, इसके बावजूद बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं हुई है। अब विद्युत निगम ने बकायेदारों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।
विद्युत निगम ने देहात क्षेत्रों में बिजली बिल बकाया रखने वाले उपभोक्ताओं को नोटिस भेजने शुरू कर दिए हैं। विभाग की ओर से उपभोक्ताओं को निर्धारित दो सप्ताह के भीतर बकाया बिल जमा करने की चेतावनी दी जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, तय समय सीमा में भुगतान नहीं करने वालों के बिजली कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जा सकती है। विभाग का कहना है कि बार-बार अनुरोध के बावजूद बिल जमा नहीं करने वाले उपभोक्ताओं के खिलाफ अब सख्ती बरती जाएगी।
जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में दादरी, ग्रेटर नोएडा और जेवर के इलाके शामिल हैं। विद्युत निगम के आंकड़ों के मुताबिक, इन क्षेत्रों में करीब एक लाख 50 हजार उपभोक्ता हैं। इनमें से लगभग 30 हजार से 40 हजार उपभोक्ता ही बिजली बिल जमा कर रहे हैं। कुछ विवरणों में मासिक भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं का आंकड़ा करीब 30 प्रतिशत बताया गया है। कम संख्या में बिल जमा होने के कारण विभाग को राजस्व एकत्र करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली बिल भुगतान की समस्या के साथ मीटर लगाने का मुद्दा भी बना हुआ है। बताया जा रहा है कि कई उपभोक्ताओं के घरों में अभी तक बिजली मीटर नहीं लगे हैं और उनसे औसत के आधार पर बिल लिया जाता है। अब विद्युत निगम ग्रामीण इलाकों में भी बिजली मीटर लगाने की प्रक्रिया आगे बढ़ा रहा है। हालांकि, मीटर लगाए जाने को लेकर कुछ ग्रामीणों ने विरोध किया है। विरोध के चलते पहले विभागीय कर्मचारियों को कई स्थानों पर पीछे हटना पड़ा था। ऐसे में मीटर लगाने और बिलिंग व्यवस्था को व्यवस्थित करने में भी विभाग को चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
विद्युत निगम के अधिकारियों के अनुसार, पहले देहात क्षेत्रों में अधिकतम 16 घंटे तक बिजली आपूर्ति होती थी, लेकिन अब इसमें सुधार करते हुए कई इलाकों में 20 से 24 घंटे तक बिजली दी जा रही है। विभाग का कहना है कि आपूर्ति में सुधार के बावजूद राजस्व संग्रह में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं हुई है। इससे अधिकारियों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि बिजली आपूर्ति और रखरखाव से जुड़ी व्यवस्था को बनाए रखने के लिए समय पर बिल भुगतान महत्वपूर्ण है।
विद्युत निगम ने अब बकाया वसूली के लिए अभियान तेज करने की तैयारी की है। उपभोक्ताओं से अपील की जा रही है कि वे अपने बिजली बिल समय पर जमा करें, ताकि कनेक्शन काटने जैसी कार्रवाई से बचा जा सके। नोटिस जारी करने के बाद भी भुगतान नहीं करने वाले उपभोक्ताओं के खिलाफ निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। विभाग का प्रयास है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली बिल भुगतान बढ़ाया जाए और राजस्व संग्रह की स्थिति में सुधार हो।

