Cyber Security Awareness: नोएडा में मिशन शक्ति अभियान के तहत पांच हजार विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा के प्रति किया जागरूक

Cyber Security Awareness: नोएडा में मिशन शक्ति अभियान के तहत पांच हजार विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा के प्रति किया जागरूक

गौतमबुद्धनगर पुलिस ने मिशन शक्ति अभियान फेज-6.0 के तहत गुरुवार को जिले के विभिन्न विद्यालयों और महाविद्यालयों में साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का सजीव प्रसारण कराया। इस कार्यक्रम में करीब पांच हजार विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ रक्षित टंडन ने विद्यार्थियों को ऑनलाइन ठगी, सोशल मीडिया से जुड़े खतरों और साइबर अपराध से बचाव के उपायों की जानकारी दी। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के लिए जागरूक करना और साइबर अपराधियों के तरीकों से परिचित कराना रहा।

पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में मिशन शक्ति अभियान महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान तथा स्वावलंबन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। इसी क्रम में पुलिस उपायुक्त महिला सुरक्षा सुनिति और अपर पुलिस उपायुक्त महिला सुरक्षा मनीषा सिंह के पर्यवेक्षण में साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को ऑनलाइन गतिविधियों के दौरान सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध स्थिति में सही कदम उठाने के बारे में बताया गया।

कार्यक्रम के दौरान साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ रक्षित टंडन ने विद्यार्थियों को फिशिंग, ओटीपी और बैंकिंग फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट, पहचान चोरी, साइबर बुलिंग तथा ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग जैसे साइबर अपराधों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि साइबर अपराधी लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए लगातार नए तरीके अपना रहे हैं। कई बार फर्जी लिंक, संदिग्ध फोन कॉल और भ्रामक संदेशों के जरिए लोगों की निजी जानकारी हासिल करने या उनके बैंक खातों से रकम निकालने की कोशिश की जाती है। इसलिए किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने और संदिग्ध कॉल या संदेशों पर भरोसा करने से बचना चाहिए।

विद्यार्थियों को यह भी समझाया गया कि किसी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, बैंक खाते से संबंधित जानकारी, पासवर्ड या अन्य निजी विवरण साझा नहीं करने चाहिए। ऑनलाइन गेमिंग और सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते समय भी सावधानी बरतना जरूरी है। किसी अनजान व्यक्ति से संपर्क बढ़ाने, निजी तस्वीरें साझा करने या संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधियों में शामिल होने से पहले संभावित जोखिमों को समझना चाहिए। डिजिटल अरेस्ट जैसी घटनाओं के नाम पर डराकर पैसे मांगने वाले लोगों से भी सतर्क रहने की जरूरत पर जोर दिया गया।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने साइबर सुरक्षा और ऑनलाइन अपराधों से जुड़े विभिन्न सवाल पूछे। संबंधित थानों की साइबर हेल्प डेस्क पर तैनात प्रशिक्षित पुलिसकर्मियों ने सरल उदाहरणों के माध्यम से उनकी शंकाओं का समाधान किया। विद्यार्थियों को बताया गया कि साइबर अपराध का सामना करने पर घबराने के बजाय उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखना और समय पर शिकायत दर्ज कराना महत्वपूर्ण है। पुलिस की ओर से शिकायत की प्रक्रिया और साइबर अपराध से जुड़े मामलों में जरूरी सावधानियों के बारे में भी जानकारी दी गई।

गौतमबुद्धनगर पुलिस के इस जागरूकता कार्यक्रम के जरिए विद्यार्थियों को सुरक्षित इंटरनेट इस्तेमाल, सोशल मीडिया पर जिम्मेदार व्यवहार और साइबर अपराधों की पहचान करने के तरीकों से अवगत कराया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की भागीदारी का उद्देश्य युवाओं को डिजिटल धोखाधड़ी से बचने के लिए जागरूक बनाना और साइबर सुरक्षा से जुड़ी जानकारी को विद्यालयों तथा महाविद्यालयों तक पहुंचाना रहा।

 

Hot this week

Dehradun : पुलिस में महिला आरक्षियों के पद बढ़ाकर 2000 किए जाएंगे, मुख्यमंत्री ने दी मंजूरी

Dehradun : देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने...

Topics

spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img