New Delhi : नई दिल्ली में दिल्ली कस्टम्स ने बुधवार को करीब 515 करोड़ रुपये मूल्य के 165 किलोग्राम जब्त मादक पदार्थ नष्ट किए। यह कार्रवाई विभाग की उच्चस्तरीय मादक पदार्थ निस्तारण समिति की निगरानी में की गई।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार मादक पदार्थों को बायोटिक वेस्ट सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के भस्मीकरण संयंत्र में नष्ट किया गया। इनमें करीब 140 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक वीड शामिल थी, जिसकी अनुमानित कीमत 140 करोड़ रुपये थी। इसके अलावा करीब 375 करोड़ रुपये मूल्य की 25 किलोग्राम कोकीन भी नष्ट की गई।
जब्त मादक पदार्थों को नष्ट करने की यह प्रक्रिया तय कानूनी प्रावधानों और सुरक्षा उपायों के अनुसार पूरी की गई। कस्टम्स अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने और जब्त पदार्थों को दोबारा अवैध बाजार में पहुंचने से रोकने के प्रति विभाग की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
पूरी कार्रवाई सीमा शुल्क आयुक्त एयरपोर्ट एवं जनरल अरविंद सरन के पर्यवेक्षण में संपन्न हुई। उच्चस्तरीय मादक पदार्थ निस्तारण समिति का नेतृत्व अतिरिक्त सीमा शुल्क आयुक्त निस्तारण शंकर प्रसाद शर्मा ने किया। समिति के अन्य सदस्यों और संबंधित अधिकारियों ने भी इस प्रक्रिया में भाग लिया। संयुक्त आयुक्त नीतिशा वर्मा भी मौके पर मौजूद रहीं।
नष्ट किए गए पदार्थों में वजन के लिहाज से हाइड्रोपोनिक वीड की मात्रा अधिक थी, जबकि कीमत के आधार पर कोकीन का हिस्सा सबसे बड़ा था। दोनों मादक पदार्थों का निस्तारण जब्त नशीले पदार्थों के प्रबंधन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम रहा।
यह कार्रवाई इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर चल रहे मादक पदार्थ विरोधी अभियानों की पृष्ठभूमि में हुई है। जानकारी के अनुसार अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच दिल्ली कस्टम्स ने मादक पदार्थों की जब्ती के 89 मामले दर्ज किए, जिनमें करीब 611 किलोग्राम नशीले पदार्थ जब्त किए गए। इनमें हाइड्रोपोनिक वीड, हेरोइन और कोकीन शामिल थे। इस दौरान 109 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया।
हालांकि विज्ञप्ति में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि बुधवार को नष्ट किए गए सभी मादक पदार्थ अप्रैल से सितंबर के दौरान ही जब्त किए गए थे या नहीं।
दिल्ली कस्टम्स ने कहा कि जब्ती और समयबद्ध निस्तारण मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई के पूरक हिस्से हैं। विभाग ने जोर दिया कि यह कार्रवाई तय कानूनी आवश्यकताओं के अनुसार निगरानी व्यवस्था के तहत की गई और वह प्रवर्तन, जब्ती और समयबद्ध निस्तारण के माध्यम से तस्करी के खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है।


