Noida Farmers: लंबित मांगों को लेकर किसानों ने डीएम को सौंपा ज्ञापन, संयुक्त बैठक का आश्वासन
नोएडा। भारतीय किसान यूनियन (कृषक शक्ति) के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को किसानों की लंबित मांगों को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजा, 10 प्रतिशत विकसित भूखंड समेत कई मांगों को अधिकारियों के सामने रखा। किसानों का कहना है कि इन मांगों को लेकर पहले भी कई बार प्रदर्शन और धरना दिया जा चुका है, लेकिन अभी तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।
किसान संगठन के मुताबिक, किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर पिछले महीने तीनों प्राधिकरणों के स्तर पर धरना और प्रदर्शन किया गया था। इस दौरान किसान नेता राकेश टिकैत ने भी क्रमवार तीनों प्राधिकरणों के कार्यालयों पर पहुंचकर किसानों को संबोधित किया था। उन्होंने अधिकारियों के साथ किसानों की समस्याओं को लेकर बातचीत भी की थी।
प्रदर्शन के दौरान अधिकारियों की ओर से किसानों की मांगों पर जल्द कार्रवाई और समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया गया था। किसानों का आरोप है कि आश्वासन के बावजूद अब तक उनकी प्रमुख मांगों को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इसी को लेकर सोमवार को भारतीय किसान यूनियन (कृषक शक्ति) के कार्यकर्ता जिलाधिकारी से मिलने पहुंचे।
प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी के सामने किसानों की लंबित मांगों को रखा और उनके शीघ्र समाधान की मांग की। किसानों ने कहा कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) से जुड़े किसानों के कई मुद्दे लंबे समय से लंबित हैं, जिन पर प्रशासन और संबंधित प्राधिकरणों को गंभीरता से कार्रवाई करनी चाहिए।
इस दौरान किसानों को आश्वासन दिया गया कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारियों की मौजूदगी में जल्द ही एक संयुक्त बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में किसानों की मांगों और लंबित समस्याओं पर चर्चा कर उनके समाधान की दिशा में कार्रवाई किए जाने की बात कही गई।
किसानों ने कहा कि वे अपनी मांगों के समाधान को लेकर प्रशासन से सकारात्मक कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं। अब किसानों की नजर प्रस्तावित संयुक्त बैठक और उसमें होने वाली चर्चा पर है।


