SIR Voter List: नोएडा में SIR को लेकर सपा का विरोध, वोट कटने के आरोपों पर चुनाव आयोग से जांच की मांग
रिपोर्ट: अजीत कुमार
नोएडा। उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर चल रहा राजनीतिक विवाद नोएडा तक पहुंच गया है। समाजवादी पार्टी ने नोएडा के सेक्टर-22 में प्रेसवार्ता कर SIR प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए और मतदाताओं के नाम हटाए जाने का आरोप लगाया। पार्टी ने चुनाव आयोग और सरकार से मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों की जांच कराने की मांग की।
सेक्टर-24 थाना क्षेत्र के अंतर्गत सेक्टर-22 में आयोजित प्रेसवार्ता में सपा नोएडा महानगर अध्यक्ष डॉ. आश्रय गुप्ता समेत पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। पार्टी नेताओं ने SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची में नामों के हटाए जाने और कथित अनियमितताओं को लेकर अपनी आपत्तियां सामने रखीं।
डॉ. आश्रय गुप्ता ने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया का इस्तेमाल राजनीतिक फायदे के लिए किया जा रहा है। उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए गंभीर आरोप लगाए। सपा महानगर अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी इस मुद्दे को लेकर लगातार आवाज उठाती रहेगी और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े मामलों में पारदर्शिता की मांग करेगी।
सपा ने दावा किया कि गौतमबुद्ध नगर में SIR प्रक्रिया के दौरान दो लाख से अधिक मतदाताओं के नाम काटे गए हैं। हालांकि, उपलब्ध चुनावी आंकड़ों में गौतमबुद्ध नगर में SIR के दौरान इससे अधिक संख्या में नाम हटाए जाने का विवरण सामने आया था, जिसमें अधिकारियों के अनुसार मृत, स्थायी रूप से स्थानांतरित और अप्राप्य मतदाताओं की श्रेणियां शामिल थीं।
पार्टी ने कहा कि मतदाता सूची से किसी पात्र मतदाता का नाम हटना गंभीर विषय है और ऐसे मामलों की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए। 3 अक्टूबर को प्रकाशित एक स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार, सपा ने नोएडा विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में कथित डुप्लीकेट और संदिग्ध प्रविष्टियों के साथ कुछ नाम हटाए जाने का मुद्दा भी उठाया और चुनाव आयोग तथा जिला निर्वाचन अधिकारी से उपलब्ध नामों, दस्तावेजों और EPIC नंबरों की जांच कराने की मांग की।
SIR को लेकर देश के कई हिस्सों में राजनीतिक दलों की ओर से आपत्तियां सामने आई हैं। चुनाव आयोग ने भी हाल में ऐसे पात्र मतदाताओं की पहचान और पुनः नामांकन के लिए विशेष अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है, जिनके नाम SIR के दौरान छूट गए हों। आयोग के अनुसार पात्र व्यक्ति Form 6 के माध्यम से दोबारा मतदाता सूची में नाम दर्ज करा सकते हैं।
सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि SIR के नाम पर यदि मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियां नहीं रोकी गईं और पात्र मतदाताओं के नामों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं की गई, तो पार्टी सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी। पार्टी ने कहा कि मतदाता सूची से संबंधित शिकायतों का पारदर्शी तरीके से समाधान किया जाना चाहिए।
प्रेसवार्ता के दौरान सपा नेताओं ने चुनाव आयोग और जिला प्रशासन से मतदाता सूची से संबंधित दावों और आपत्तियों की जांच कराने तथा पात्र मतदाताओं के नाम सुरक्षित रखने की मांग की। पार्टी ने कहा कि मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की त्रुटि का सीधा संबंध नागरिकों के मतदान के अधिकार से है, इसलिए इस प्रक्रिया में पारदर्शिता और सत्यापन आवश्यक है।


