Farmers Protest: पांच अक्टूबर तक लखनऊ में वार्ता का आश्वासन, बात नहीं बनी तो छह अक्टूबर से फिर धरना देंगे किसान

Farmers Protest: पांच अक्टूबर तक लखनऊ में वार्ता का आश्वासन, बात नहीं बनी तो छह अक्टूबर से फिर धरना देंगे किसान

नोएडा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण कार्यालय पर पिछले एक सप्ताह से चल रहा किसान संघर्ष मोर्चा का धरना गुरुवार को फिलहाल समाप्त कर दिया गया। किसानों को आश्वासन दिया गया है कि पांच अक्टूबर तक लखनऊ में मुख्य सचिव और औद्योगिक विकास आयुक्त स्तर पर उनकी मांगों को लेकर वार्ता कराई जाएगी। किसान 10 प्रतिशत आबादी भूखंड की मांग को लेकर अड़े हुए हैं। किसान संगठनों ने स्पष्ट किया है कि वार्ता में समाधान नहीं निकला तो छह अक्टूबर से दोबारा धरना शुरू किया जाएगा।

इससे पहले बुधवार को किसान संघर्ष मोर्चा के प्रतिनिधियों की नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारियों, जिलाधिकारी और संयुक्त पुलिस आयुक्त के साथ करीब तीन घंटे तक बैठक चली। बैठक में किसानों की 10 प्रतिशत आबादी भूखंड समेत विभिन्न लंबित मांगों पर चर्चा की गई। इसके बाद किसान नेताओं ने धरनास्थल पर पहुंचकर आंदोलन में शामिल किसानों के साथ बैठक की और आगे की रणनीति पर विचार किया।

गुरुवार दोपहर किसान नेताओं की पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह से भी बातचीत हुई। किसान नेताओं के मुताबिक पुलिस आयुक्त की ओर से पांच अक्टूबर तक मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी के साथ वार्ता कराने का आश्वासन दिया गया। इसके बाद किसान संघर्ष मोर्चा ने फिलहाल धरना समाप्त करने का फैसला लिया।

किसान नेता डॉ. रुपेश वर्मा के अनुसार अधिकारियों के साथ हुई वार्ता में यह तय किया गया कि 21 सितंबर तक तीनों प्राधिकरणों के अधिकारी और किसान नेता मिलकर 10 प्रतिशत आबादी भूखंड और अन्य लंबित मुद्दों से संबंधित होमवर्क पूरा करेंगे। इसके बाद पांच अक्टूबर तक लखनऊ में मुख्य सचिव और औद्योगिक विकास आयुक्त स्तर पर वार्ता कराने की बात कही गई है।

डॉ. रुपेश वर्मा ने कहा कि किसान संघर्ष मोर्चा पिछले करीब डेढ़ वर्ष से इस प्रयास में जुटा था कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण के सीईओ एक साथ बैठकर किसानों के 10 प्रतिशत आबादी भूखंड से जुड़े मुद्दे पर चर्चा करें। उन्होंने कहा कि इस मांग को लेकर किसान संगठनों ने लगातार आंदोलन किया और अब तीनों प्राधिकरणों के स्तर पर संयुक्त रूप से बातचीत आगे बढ़ी है।

किसान संगठनों के पदाधिकारियों का कहना है कि यदि लखनऊ स्तर की वार्ता सकारात्मक रहती है तो इसके बाद अंतिम वार्ता मुख्यमंत्री स्तर पर कराने का प्रस्ताव रखा गया है। किसानों का कहना है कि उनका मुख्य उद्देश्य 10 प्रतिशत आबादी भूखंड समेत लंबे समय से लंबित मांगों का स्थायी समाधान कराना है।

किसान परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखबीर खलीफा ने कहा कि किसान संघर्ष मोर्चा 10 प्रतिशत भूखंड के मुद्दे को पूरी ताकत के साथ आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों को अब पांच अक्टूबर तक होने वाली प्रस्तावित उच्चस्तरीय वार्ता का इंतजार रहेगा। यदि इस अवधि में मांगों पर संतोषजनक फैसला नहीं हुआ तो छह अक्टूबर से किसान फिर से आंदोलन शुरू करेंगे।

इस दौरान किसान एकता संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सोरन प्रधान, वीर सिंह नागर, संदीप भाटी, तेजपाल प्रधान, सुरेंद्र शर्मा, अशोक आर्य, राकेश, बलराज, विक्रम, जयप्रकाश आर्य और उम्मीद त्यागी सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

 

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