Company Theft Case: सेक्टर-63 की कंपनी के दरवाजे तोड़कर घुसे बदमाश, करीब एक करोड़ रुपये का सामान चोरी; कोर्ट के आदेश पर FIR
नोएडा। सेक्टर-63 स्थित एक निजी कंपनी में घुसकर बदमाशों ने करीब एक करोड़ रुपये का सामान चोरी कर लिया। आरोप है कि बदमाश खिड़की, दरवाजे और रोशनदान तोड़कर कंपनी के अंदर दाखिल हुए और हस्तशिल्प, कपड़े, अग्नि सुरक्षा उपकरण, बिजली के तार तथा अन्य सामान लेकर फरार हो गए। कंपनी के इंचार्ज ने पुलिस पर शुरुआत में एफआईआर दर्ज नहीं करने का आरोप लगाते हुए न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। अब कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जिला संभल के कोटला निवासी मोहम्मद शारिक ने न्यायालय में दिए प्रार्थनापत्र में बताया कि वह वर्तमान में दिल्ली के ओखला इलाके में रहते हैं। सेक्टर-63 के ई ब्लॉक में मुकिम एंड ब्रादर्स प्राइवेट लिमिटेड नाम से कंपनी का कॉरपोरेट कार्यालय है और वह वहां कार्यालय इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं।
शिकायत के मुताबिक 17 सितंबर 2025 को बदमाशों ने कंपनी परिसर को निशाना बनाया। आरोप है कि चोरों ने कंपनी की खिड़कियां, दरवाजे और रोशनदान तोड़ दिए और इसके बाद कार्यालय के अंदर प्रवेश किया।
कंपनी इंचार्ज का आरोप है कि बदमाश कार्यालय से करीब 25 लाख रुपये कीमत के हस्तशिल्प और सजावटी सामान चोरी कर ले गए। इसके अलावा करीब 20 लाख रुपये कीमत के कपड़े भी गायब मिले।
शिकायत में करीब पांच लाख रुपये कीमत के अग्नि सुरक्षा से जुड़े उपकरण और सिस्टम चोरी होने का भी आरोप लगाया गया है। कंपनी परिसर में लगे करीब छह लाख रुपये कीमत के बिजली के तार भी चोर अपने साथ ले गए।
इसके अलावा खिड़की, रोशनदान और दरवाजों से संबंधित करीब 15 लाख रुपये कीमत का सामान भी चोरी होने की बात कही गई है। कंपनी के शौचालयों में लगे करीब 30 लाख रुपये कीमत के उपकरण भी गायब मिले।
शिकायतकर्ता के मुताबिक चोरी की वारदात के दौरान बदमाशों ने कंपनी परिसर में जमकर तोड़फोड़ भी की। कार्यालय के विभिन्न हिस्सों को नुकसान पहुंचाया गया और वहां लगा सामान उखाड़कर ले जाया गया।
घटना की जानकारी होने के बाद 18 सितंबर को पुलिस को कॉल कर सूचना दी गई। शिकायतकर्ता का कहना है कि पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण भी किया।
हालांकि आरोप है कि घटनास्थल का निरीक्षण करने के बावजूद पुलिस ने उस समय एफआईआर दर्ज नहीं की। शिकायतकर्ता का कहना है कि कई प्रयासों के बाद भी मुकदमा दर्ज नहीं होने पर उन्हें न्यायालय की शरण लेनी पड़ी।
मोहम्मद शारिक ने न्यायालय में प्रार्थनापत्र देकर पूरी घटना की जानकारी दी और चोरी की वारदात में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की। मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए।
पुलिस का कहना है कि न्यायालय के आदेश पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। अब चोरी की घटना में शामिल आरोपियों की पहचान और चोरी हुए सामान का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है।
पुलिस कंपनी परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज समेत अन्य साक्ष्यों के आधार पर भी मामले की जांच कर सकती है। शिकायत में बताए गए चोरी हुए सामान की कीमत और अन्य तथ्यों का सत्यापन भी जांच के दौरान किया जाएगा।

