Greater Noida Child Murder: छह साल की बच्ची से दरिंदगी और हत्या के आरोपी बलराज को शरण देने वाला तौसीफ गिरफ्तार, कोर्ट ने भेजा जेल
नोएडा। ग्रेटर नोएडा में छह साल की बच्ची के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या के मामले में आरोपी बलराज उर्फ बल्ला को कथित रूप से शरण देने वाले तौसीफ को ईकोटेक-3 कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने रविवार देर शाम गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। तौसीफ के घर पर भी ताला लगा हुआ है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि तौसीफ दूर के रिश्ते में पीड़ित बच्ची का चाचा लगता है। इसी रिश्ते के कारण बच्ची उसे चाचा कहकर बुलाती थी। वहीं बच्ची की हत्या के आरोपी बलराज और तौसीफ के बीच दोस्ती बताई जा रही है।
पुलिस के मुताबिक बलराज अपने दोस्त तौसीफ के पास ही रहता था। दोनों की मुलाकात जेल में होने की बात भी जांच में सामने आई है। अब पुलिस दोनों के बीच संबंधों और वारदात से पहले तथा बाद की गतिविधियों की जांच कर रही है।
तौसीफ की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा भी बढ़ाया गया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसने बलराज को केवल शरण दी थी या इस पूरे मामले में उसकी कोई अन्य भूमिका भी थी।
पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि कहीं किसी पुरानी रंजिश या दुश्मनी के चलते तौसीफ ने बलराज के माध्यम से वारदात को अंजाम दिलाने में कोई भूमिका तो नहीं निभाई। फिलहाल यह जांच का विषय है और इस संबंध में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए पुलिस साक्ष्य जुटा रही है।
मामले में मुख्य आरोपी बलराज उर्फ बल्ला का आपराधिक इतिहास भी जांच के दौरान सामने आया है। वर्ष 2017 में सूरजपुर क्षेत्र में एक बुजुर्ग महिला और नौ साल के बच्चे की हत्या के मामले में उसे गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस ने उस मामले में बलराज को जेल भेज दिया था। परिजनों के मुताबिक उसकी जमानत के लिए परिवार की ओर से कोई व्यक्ति पैरवी करने नहीं पहुंचा था।
इसके बाद सरकारी कानूनी सहायता व्यवस्था के तहत बलराज को वकील उपलब्ध कराया गया था। बताया गया है कि वर्ष 2024 में कानूनी सहायता के तहत उपलब्ध कराए गए अधिवक्ता ने उसकी ओर से पैरवी की और इसके बाद वह जमानत पर जेल से बाहर आया।
जमानत पर बाहर आने के बाद बलराज की गतिविधियों और वह किन लोगों के संपर्क में रहा, इस पहलू को भी मौजूदा मामले की जांच में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। तौसीफ से उसकी दोस्ती जेल में होने की बात सामने आने के बाद पुलिस दोनों के संबंधों की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
बलराज को लेकर उसके परिवार से संबंधित कुछ गंभीर आरोप भी सामने आए हैं। परिजनों के अनुसार उसका व्यवहार पहले भी परिवार के लिए परेशानी का कारण रहा था।
आरोप है कि बलराज अपनी भाभी पर भी गलत नजर रखता था। इसकी शिकायत भाभी ने अपने पति से की थी, जिसके बाद परिवार में विवाद हुआ था।
बताया गया है कि विवाद बढ़ने के बाद बलराज के दोनों भाइयों ने उससे दूरी बना ली थी। इसके बाद वे तिलपता गांव छोड़कर दनकौर क्षेत्र के एक गांव में जाकर रहने लगे थे।
छह साल की बच्ची के साथ हुई घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश बना हुआ है। सोमवार को भी बड़ी संख्या में स्थानीय लोग पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और परिजनों को सांत्वना दी।
परिजनों और समाज के लोगों ने मामले में पुलिस की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें पुलिस और सरकार से न्याय मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही मामले में शामिल सभी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई।
स्थानीय लोगों और पीड़ित परिवार ने आरोपी के घर पर बुलडोजर चलाने की मांग भी की है। घटना की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्र के लोग आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
पुलिस फिलहाल तौसीफ की भूमिका की जांच कर रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि बलराज को शरण देने के अलावा क्या उसका इस अपराध से किसी अन्य तरीके से संबंध था। पुरानी रंजिश से जुड़े पहलू की भी जांच की जा रही है।
मामले में तौसीफ को जेल भेजे जाने के बाद पुलिस अब दोनों आरोपियों के संबंध, पुराने संपर्क और घटना से जुड़ी अन्य परिस्थितियों के साक्ष्य जुटाने में लगी है। तौसीफ की कथित अतिरिक्त भूमिका और उससे जुड़े अन्य आरोप फिलहाल जांच के अधीन हैं।


