Exam System Failure: एक ही सेंटर पर दो दिन, दो राष्ट्रीय परीक्षाएं और सिस्टम फेल! NEET-PG के बाद AIIMS CRE में भी तकनीकी गड़बड़ी

Exam System Failure: एक ही सेंटर पर दो दिन, दो राष्ट्रीय परीक्षाएं और सिस्टम फेल! NEET-PG के बाद AIIMS CRE में भी तकनीकी गड़बड़ी

नई दिल्ली/जयपुर, 31 अगस्त। देश की दो महत्वपूर्ण मेडिकल परीक्षाओं के दौरान जयपुर के एक ही परीक्षा केंद्र पर लगातार दो दिन तकनीकी गड़बड़ी सामने आने से परीक्षा व्यवस्था और तकनीकी तैयारियों पर सवाल खड़े हो गए हैं। 30 अगस्त को NEET-PG 2026 और 31 अगस्त को AIIMS Common Recruitment Examination (CRE) के दौरान जयपुर के आईओएन डिजिटल जोन सीतापुरा केंद्र पर तकनीकी समस्याओं के कारण अभ्यर्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पहले दिन आंतरिक बिजली आपूर्ति बाधित होने से हजारों अभ्यर्थियों की NEET-PG परीक्षा पूरी नहीं हो सकी, जबकि अगले ही दिन AIIMS CRE के दौरान सर्वर और बिजली से जुड़ी समस्याएं सामने आने की बात कही गई।

NEET-PG 2026 का आयोजन 30 अगस्त को देशभर के 339 शहरों में बनाए गए 1,111 परीक्षा केंद्रों पर किया गया था। परीक्षा के लिए कुल 2,73,096 उम्मीदवार निर्धारित थे, जिनमें 2,65,980 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। करीब 2,63,535 उम्मीदवारों की परीक्षा सफलतापूर्वक पूरी हुई, लेकिन जयपुर के सीतापुरा स्थित दो परीक्षा केंद्रों पर आंतरिक बिजली आपूर्ति में गड़बड़ी के कारण 2,445 अभ्यर्थियों की परीक्षा पूरी नहीं हो सकी।

इसके बाद नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशंस इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने प्रभावित 2,445 अभ्यर्थियों के लिए दोबारा परीक्षा कराने का फैसला किया। इन उम्मीदवारों की पुनर्परीक्षा 5 सितंबर को दोपहर तीन बजे आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही पूरे घटनाक्रम की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है।

परीक्षा संचालन से जुड़े टीसीएस आईओएन ने भी NEET-PG के दौरान जयपुर के परीक्षा केंद्र पर आंतरिक बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की बात स्वीकार की। कंपनी के मुताबिक देश के अन्य केंद्रों पर परीक्षा सुचारु रूप से हुई, लेकिन जयपुर के आईडीजेड सीतापुरा केंद्र पर स्थानीय विद्युत संबंधी अज्ञात समस्या के कारण आंतरिक बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई।

टीसीएस आईओएन के अनुसार विद्युत रखरखाव से जुड़े विशेषज्ञों को समस्या की जांच और समाधान के लिए लगाया गया है। भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो, इसके लिए संभावित उपाय किए जाने की बात भी कही गई है।

टीसीएस आईओएन बिजनेस यूनिट के प्रमुख वेंगुस्वामी रामास्वामी ने प्रभावित अभ्यर्थियों को हुई असुविधा पर खेद जताया। उन्होंने कहा कि कंपनी संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर प्रभावित उम्मीदवारों की परीक्षा जल्द से जल्द पूरी कराने की दिशा में काम कर रही है।

हालांकि मामला यहीं समाप्त नहीं हुआ। अगले ही दिन यानी 31 अगस्त को उसी सीतापुरा सेंटर पर AIIMS CRE-5 की पुनर्परीक्षा के दौरान भी तकनीकी समस्या सामने आने की रिपोर्ट है। परीक्षा सुबह नौ बजे शुरू होनी थी, लेकिन तकनीकी समस्या के कारण शुरुआत में करीब 30 मिनट की देरी होने की बात सामने आई।

परीक्षा शुरू होने के बाद भी परेशानी पूरी तरह खत्म नहीं हुई। रिपोर्टों के मुताबिक सर्वर संबंधी समस्या सामने आई और बिजली बाधित होने की भी सूचना मिली। लगातार व्यवधान के कारण परीक्षा देने पहुंचे अभ्यर्थियों में नाराजगी देखने को मिली।

AIIMS CRE-5 के माध्यम से ग्रुप-B और ग्रुप-C के गैर-शैक्षणिक पदों पर भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। मौजूदा भर्ती प्रक्रिया में 1,484 पद शामिल हैं। ऐसे में परीक्षा के दौरान सामने आई तकनीकी समस्या ने उम्मीदवारों की चिंता बढ़ा दी।

लगातार दो दिनों की घटनाओं के बाद अब सवाल केवल बिजली आपूर्ति बाधित होने या सर्वर में तकनीकी खराबी आने तक सीमित नहीं है। सवाल यह भी उठ रहा है कि राष्ट्रीय स्तर की हाई-स्टेक्स कंप्यूटर आधारित परीक्षाओं के लिए चयनित केंद्रों पर तकनीकी ढांचे और बैकअप व्यवस्था की जांच किस स्तर पर की जाती है।

कंप्यूटर आधारित परीक्षा पूरी तरह सिस्टम, नेटवर्क और निर्बाध बिजली आपूर्ति पर निर्भर होती है। ऐसे में पावर बैकअप, नेटवर्क कनेक्टिविटी, सर्वर की उपलब्धता और किसी तकनीकी खराबी की स्थिति में तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था परीक्षा केंद्र की तैयारियों का अहम हिस्सा मानी जाती है।

NEET-PG जैसी परीक्षा में देशभर के लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों का भविष्य जुड़ा होता है। निर्धारित परीक्षा अवधि के दौरान सिस्टम बंद होने या बार-बार तकनीकी व्यवधान आने से उम्मीदवारों की एकाग्रता और प्रदर्शन प्रभावित होने की आशंका रहती है। जयपुर में प्रभावित अभ्यर्थियों ने भी परीक्षा के दौरान सिस्टम बंद होने और व्यवधान आने की शिकायतें की थीं।

जयपुर की घटना इसलिए अधिक गंभीर हो गई है क्योंकि करीब 24 घंटे के भीतर उसी स्थान पर दूसरी महत्वपूर्ण राष्ट्रीय परीक्षा के दौरान भी तकनीकी संकट सामने आने की बात कही गई। पहले दिन NEET-PG के 2,445 उम्मीदवार प्रभावित हुए और अब AIIMS CRE-5 के दौरान भी तकनीकी परेशानियों की रिपोर्ट सामने आई है।

NEET-PG के प्रभावित 2,445 उम्मीदवारों के लिए NBEMS ने पांच सितंबर को पुनर्परीक्षा की व्यवस्था की है। वहीं AIIMS CRE-5 में तकनीकी समस्या से प्रभावित उम्मीदवारों के लिए भी नई परीक्षा व्यवस्था किए जाने की बात सामने आई है।

लगातार सामने आई इन घटनाओं के बाद परीक्षा केंद्रों को मंजूरी देने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठ रहे हैं। यह जांच का विषय बन गया है कि राष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण कंप्यूटर आधारित परीक्षाओं के आयोजन से पहले संबंधित केंद्र की बिजली आपूर्ति, पावर बैकअप, नेटवर्क, सर्वर और आपातकालीन तकनीकी व्यवस्था का परीक्षण किस स्तर पर किया गया था।

अब तीन सदस्यीय जांच समिति के सामने केवल NEET-PG के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारणों का पता लगाना ही चुनौती नहीं होगी, बल्कि इस बात की भी समीक्षा किए जाने की जरूरत सामने आई है कि तकनीकी समस्या के बाद अगले दिन उसी केंद्र पर एक और महत्वपूर्ण परीक्षा के दौरान व्यवधान कैसे सामने आया।

एक ही सेंटर पर दो दिन में दो बड़ी परीक्षाओं के दौरान सामने आई तकनीकी गड़बड़ियों ने कंप्यूटर आधारित राष्ट्रीय परीक्षाओं के लिए मजबूत तकनीकी बैकअप और आकस्मिक व्यवस्था की आवश्यकता को फिर सामने ला दिया है। लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़ी परीक्षाओं में ऐसी तकनीकी समस्याओं को रोकने के लिए परीक्षा केंद्रों की तकनीकी क्षमता और बैकअप व्यवस्था की कठोर जांच की मांग भी अब महत्वपूर्ण हो गई है।

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