Greater Noida Beautification: प्रवेशद्वारों और गोलचक्करों के सौंदर्यीकरण की योजना एक साल से अटकी, 8-10 कंपनियों के प्रेजेंटेशन के बाद भी चयन नहीं

Greater Noida Beautification: प्रवेशद्वारों और गोलचक्करों के सौंदर्यीकरण की योजना एक साल से अटकी, 8-10 कंपनियों के प्रेजेंटेशन के बाद भी चयन नहीं

नोएडा। ग्रेटर नोएडा के प्रवेशद्वारों, प्रमुख स्थानों और गोलचक्करों को आकर्षक बनाने की योजना करीब एक साल बाद भी धरातल पर नहीं उतर सकी है। रंग-बिरंगी डिजाइनर लाइट, फसाड लाइट और आकर्षक कलाकृतियां लगाने के लिए बनाई गई योजना अभी फाइलों में ही अटकी हुई है। परियोजना में रुचि दिखाने वाली आठ से दस कंपनियां अपना प्रस्तुतिकरण भी दे चुकी हैं, लेकिन अभी तक किसी कंपनी का चयन नहीं किया गया है। दूसरी तरफ शहर के प्रमुख स्थानों पर लगे अधिकांश फव्वारे भी रखरखाव के अभाव में बंद पड़े हैं।

ग्रेटर नोएडा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाले बड़े कार्यक्रमों के कारण महत्वपूर्ण शहर के रूप में उभरा है। इंडिया एक्सपो मार्ट में नियमित रूप से बड़े आयोजन होते हैं, जिनमें देश के विभिन्न हिस्सों के साथ विदेश से भी कारोबारी, प्रतिनिधि और अन्य मेहमान पहुंचते हैं। ऐसे में शहर के प्रवेशद्वारों और प्रमुख स्थानों को आकर्षक बनाने की योजना तैयार की गई थी।

25 से 29 सितंबर तक यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का भी आयोजन किया जाना है। इसमें देश-विदेश से बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। इसके बावजूद शहर के प्रवेशद्वारों और प्रमुख स्थानों के प्रस्तावित सौंदर्यीकरण का काम अभी तक शुरू नहीं हो पाया है।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने पिछले वर्ष योजना बनाई थी कि शहर में प्रवेश करने वाले लोगों को बेहतर अनुभव देने के लिए सभी प्रमुख प्रवेशद्वारों को नया और आकर्षक स्वरूप दिया जाएगा। योजना के तहत डिजाइनर लाइटिंग, फसाड लाइट और अलग-अलग प्रकार की आकर्षक कलाकृतियां लगाई जानी थीं।

परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट जारी किया गया था। प्राधिकरण के विद्युत अभियांत्रिकी विभाग ने भी इसकी तैयारियां शुरू कर दी थीं। उस समय दावा किया गया था कि नए साल में सौंदर्यीकरण का काम शुरू हो जाएगा, लेकिन एक साल का समय बीतने के बावजूद परियोजना आगे नहीं बढ़ पाई।

बताया जा रहा है कि परियोजना में आठ से दस कंपनियों ने रुचि दिखाई थी और प्राधिकरण के सामने अपने-अपने डिजाइन तथा कार्ययोजना का प्रस्तुतिकरण दिया था। इनमें ऐसी कंपनी भी शामिल थी, जो अयोध्या, महाकुंभ और भारत मंडपम जैसी प्रमुख परियोजनाओं में काम कर चुकी है।

कंपनियों की ओर से दिए गए प्रस्तुतिकरण पर विचार भी किया गया और कुछ प्रस्ताव पसंद आने की बात सामने आई थी। इसके बावजूद अभी तक अंतिम रूप से कंपनी का चयन नहीं हो सका है। इससे परियोजना का काम शुरू होने की समयसीमा भी स्पष्ट नहीं हो पाई है।

योजना के तहत ग्रेटर नोएडा के लगभग सभी प्रमुख प्रवेश मार्गों को आकर्षक स्वरूप दिया जाना है। इनमें दादरी-सूरजपुर-छलेरा मार्ग पर कुलेसरा, गाजियाबाद की ओर से आने वाले मार्ग पर तिगरी, छपरौला, कासना मार्ग, दादरी कट, शाहबेरी और नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के प्रवेशद्वार शामिल हैं।

इन प्रवेशद्वारों के अलावा शहर के प्रमुख गोलचक्करों और सार्वजनिक स्थानों को भी सौंदर्यीकरण योजना में शामिल किया गया था। उद्देश्य यह था कि ग्रेटर नोएडा में प्रवेश करते ही लोगों को आधुनिक और व्यवस्थित शहर की छवि दिखाई दे।

सौंदर्यीकरण की योजना के साथ शहर के विभिन्न स्थानों पर पहले से बने फव्वारों को भी नियमित रूप से संचालित करने की योजना बनाई गई थी। ग्रेटर नोएडा में परी चौक, सूरजपुर घंटाघर चौक और सम्राट मिहिर भोज सिटी पार्क सहित करीब 14 स्थानों पर लगे फव्वारों को चालू करने का दावा किया गया था।

स्थिति यह है कि रखरखाव के अभाव में इनमें से ज्यादातर फव्वारे बंद पड़े हैं। परी चौक और सम्राट मिहिर भोज सिटी पार्क में लगे फव्वारों का भी कभी-कभार ही संचालन होने की बात सामने आ रही है।

योजना के मुताबिक परी चौक, सूरजपुर घंटाघर चौक, सम्राट मिहिर भोज सिटी पार्क, सेक्टर स्वर्णनगरी और इंडिया एक्सपो मार्ट के पास म्यूजिकल एंड साइंटिफिक पार्क में लगे फव्वारों को नियमित रूप से चालू किया जाना था।

इसके अलावा सेक्टर गामा-1 और गामा-2, सेक्टर ईटा-1 स्थित रॉक गार्डन पार्क, पी-3 डी ब्लॉक, सेक्टर सिग्मा-4 और सेक्टर पी-2 स्थित राजस्थानी पार्क के फव्वारे भी योजना में शामिल किए गए थे।

सूरजपुर-कासना मार्ग पर क्राउन प्लाजा गोलचक्कर, नॉलेज पार्क में गलगोटिया गोलचक्कर, रोज गार्डन पार्क, सेक्टर डेल्टा और अल्फा गोलचक्कर पर लगे फव्वारों को भी चालू करने की योजना थी। इसके बावजूद इन स्थानों पर अब तक अपेक्षित काम नहीं हो पाया है।

यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो जैसे बड़े आयोजन से पहले शहर के सौंदर्यीकरण की योजना का आगे नहीं बढ़ना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ट्रेड शो में बड़ी संख्या में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मेहमान ग्रेटर नोएडा पहुंचेंगे। ऐसे में शहर के प्रवेशद्वार, प्रमुख सड़कें और गोलचक्कर आगंतुकों के सामने शहर की पहली छवि प्रस्तुत करेंगे।

अब निगाह इस बात पर है कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण लंबित सौंदर्यीकरण परियोजना के लिए कंपनी का चयन कब तक करता है और प्रवेशद्वारों, गोलचक्करों तथा प्रमुख सार्वजनिक स्थानों को आकर्षक बनाने का काम कब शुरू हो पाता है। साथ ही शहर में बंद पड़े फव्वारों को नियमित रूप से संचालित करने और उनके रखरखाव के लिए भी प्रभावी व्यवस्था किए जाने की जरूरत सामने आ रही है।

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