UP Swine Flu Alert: यूपी में बढ़े स्वाइन फ्लू के मामले, लखनऊ में तीन नए मरीज मिले; स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्वाइन फ्लू के मामले बढ़ने के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। शहर में तीन नए मरीजों में H1N1 यानी स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। इनमें दो मरीजों को बलरामपुर अस्पताल के स्वाइन फ्लू वार्ड में भर्ती कराया गया है, जबकि तीसरे मरीज का इलाज डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में चल रहा है। राहत की बात यह है कि फिलहाल मरीजों में संक्रमण के गंभीर लक्षण नहीं बताए गए हैं।
जानकारी के मुताबिक, नए मरीजों में इंदिरानगर और आदिलनगर क्षेत्र के मरीज भी शामिल हैं। सर्दी-जुकाम, बुखार और गले में खराश जैसी समस्याएं होने के बाद मरीजों ने निरालानगर स्थित एक निजी पैथोलॉजी सेंटर में जांच कराई थी। जांच रिपोर्ट में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई।
संक्रमण की पुष्टि के बाद मरीजों के स्वास्थ्य पर नजर रखी जाने लगी। इनमें से दो मरीजों को सांस लेने में परेशानी होने के बाद उनके परिजन बलरामपुर अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उन्हें स्वाइन फ्लू वार्ड में भर्ती कर इलाज शुरू किया गया।
बलरामपुर अस्पताल के सीएमएस डॉ. हिमांशु चतुर्वेदी के मुताबिक दोनों मरीजों में फिलहाल स्वाइन फ्लू के हल्के लक्षण हैं। डॉक्टर उनकी स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और आवश्यक उपचार दिया जा रहा है।
वहीं तीसरे मरीज को लोहिया संस्थान में भर्ती कराया गया है। जानकारी के अनुसार उसकी हालत में सुधार हो रहा है। अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग संक्रमण की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
लखनऊ में स्वाइन फ्लू के नए मामले सामने आने के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय ने भी लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि बुखार, सर्दी-जुकाम, खांसी, गले में खराश या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई देने पर इन्हें नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
सीएमओ कार्यालय ने लोगों से ऐसे लक्षण सामने आने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल पहुंचकर डॉक्टर से सलाह लेने को कहा है। डॉक्टर की सलाह के आधार पर आवश्यकता होने पर स्वाइन फ्लू या अन्य संक्रमण की जांच कराई जा सकती है।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को बिना चिकित्सकीय सलाह के खुद दवा लेने से भी बचने को कहा है। इसके अलावा किसी अप्रशिक्षित व्यक्ति से इलाज कराने के बजाय योग्य चिकित्सक से परामर्श लेने की अपील की गई है।
किसी आपात स्थिति में लोग लखनऊ के मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के हेल्पलाइन नंबर 0522-2622080 पर संपर्क कर सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए लोगों से लक्षणों को लेकर सतर्क रहने को कहा है।
इस बीच संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान यानी SGPGI से भी स्वाइन फ्लू और कोरोना संक्रमण से जुड़े मामले सामने आने की जानकारी दी गई है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक पिछले 15 दिनों के दौरान संस्थान में स्वाइन फ्लू और कोरोना के कुल 16 मरीजों की पहचान हुई है।
इन 16 मरीजों में आठ मरीजों में स्वाइन फ्लू और आठ में कोरोना संक्रमण की पुष्टि होने की बात कही गई है। संस्थान की ओर से इन मामलों से संबंधित रिपोर्ट मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय को भेजी गई है।
SGPGI प्रशासन के मुताबिक इन मरीजों में संक्रमण के हल्के लक्षण पाए गए हैं। फिलहाल ऐसी स्थिति सामने नहीं आई है जिसमें इन सभी मरीजों को गंभीर संक्रमण की श्रेणी में रखा जाए।
SGPGI के माइक्रोबायोलॉजी विभाग की अध्यक्ष डॉ. रूंगमेई एसके मारक के मुताबिक मौजूदा मौसम में इन्फ्लुएंजा संक्रमण का खतरा बना रहता है। ऐसे में लोगों को संक्रमण के लक्षणों के प्रति सतर्क रहने की जरूरत है।
जानकारी के मुताबिक SGPGI में जिन 16 मरीजों में कोरोना या स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई, उनमें आधे से अधिक मरीजों की जांच किसी ऑपरेशन से पहले की गई थी। जांच के दौरान उनमें संक्रमण का पता चला।
वहीं कुछ मरीज ऐसे भी थे जिनमें संक्रमण से संबंधित लक्षण दिखाई देने के बाद ओपीडी में जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट में कोरोना या स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई। संस्थान के मुताबिक अधिकांश मरीजों में लक्षण हल्के रहे हैं।
स्वाइन फ्लू और कोरोना के मामलों को देखते हुए SGPGI प्रशासन ने भी लोगों को संक्रमण से बचाव के लिए सावधानियां बरतने की सलाह दी है। संस्थान ने मास्क पहनने, हाथों को नियमित रूप से साफ रखने और अत्यधिक भीड़ वाले स्थानों पर जाने से बचने की अपील की है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक H1N1 इन्फ्लुएंजा संक्रमण खांसने या छींकने के दौरान निकलने वाली संक्रमित बूंदों और निकट संपर्क के माध्यम से फैल सकता है। ऐसे में संक्रमण के लक्षण दिखाई देने पर दूसरों के संपर्क को सीमित करना महत्वपूर्ण माना जाता है।
SGPGI प्रशासन ने लोगों से कहा है कि यदि बुखार, खांसी, जुकाम, गले में खराश या इन्फ्लुएंजा जैसे दूसरे लक्षण दिखाई दें तो सावधानी बरतें। जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय सलाह लें और संक्रमण की आशंका होने पर खुद को दूसरों से अलग रखते हुए आवश्यक सावधानियों का पालन करें।
हालांकि SGPGI के सीएमएस डॉ. देवेंद्र गुप्ता की ओर से संस्थान में स्वाइन फ्लू के नए मरीज भर्ती होने से इनकार किया गया है। उन्होंने बताया कि कोरोना का एक मरीज अस्पताल में भर्ती था, जिसे स्वस्थ होने के बाद छुट्टी दे दी गई।
इस तरह SGPGI से सामने आई अलग-अलग जानकारियों में कुछ अंतर भी दिखाई दिया है। एक तरफ पिछले 15 दिनों में जांच के दौरान स्वाइन फ्लू और कोरोना के मामलों की पुष्टि की जानकारी दी गई है, वहीं संस्थान के सीएमएस ने स्वाइन फ्लू के नए मरीज भर्ती होने से इनकार किया है। ऐसे में जांच में पॉजिटिव पाए गए मामलों और वर्तमान में अस्पताल में भर्ती मरीजों की संख्या को अलग-अलग संदर्भ में देखा जा रहा है।
राजधानी में तीन नए स्वाइन फ्लू मरीजों की पुष्टि के बाद स्वास्थ्य विभाग ने फिलहाल निगरानी बढ़ा दी है। अस्पतालों को संक्रमण से संबंधित मामलों को लेकर सतर्क रहने और संदिग्ध मरीजों की स्थिति पर नजर रखने को कहा जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता संक्रमण के गंभीर होने से पहले मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराना है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी तरह के लक्षण होने पर घबराने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लें और संक्रमण से बचाव के सामान्य उपायों का पालन करें।
लखनऊ में तीन नए H1N1 मरीज मिलने और हाल के दिनों में स्वाइन फ्लू तथा कोरोना संक्रमण के मामले सामने आने के बाद लोगों को विशेष रूप से सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मास्क, हाथों की स्वच्छता, भीड़ वाले स्थानों में सावधानी और लक्षण दिखाई देने पर समय पर चिकित्सकीय परामर्श को संक्रमण से बचाव के महत्वपूर्ण उपायों में शामिल किया गया है।


