Mission ShaktiSAT: धरती से अंतरिक्ष तक बेटियों की उड़ान, सेशेल्स की प्रथम महिला वेरोनिक हर्मिनी ने 108 देशों की बालिका वैज्ञानिकों को किया प्रेरित
रिपोर्ट: अजीत कुमार
ग्रेटर नोएडा। महिला नेतृत्व, वैश्विक कूटनीति और अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में शुक्रवार को एक प्रेरक अवसर देखने को मिला। सेशेल्स की प्रथम महिला वेरोनिक हर्मिनी ने ग्रेटर नोएडा स्थित मिशन शक्तिसैट से जुड़े कार्यक्रम में हिस्सा लिया और दुनिया के विभिन्न देशों से जुड़ी युवा बालिका वैज्ञानिकों एवं प्रतिभागियों को विज्ञान, तकनीक और अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
मिशन शक्तिसैट के 19वें फाउंडेशन डे के उपलक्ष्य में गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में आयोजित ग्लोबल वीमेन लीडरशिप एंड डिप्लोमैसी समिट के दौरान वेरोनिक हर्मिनी ने मिशन शक्तिसैट की गतिविधियों और उद्देश्यों के बारे में जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने मिशन की नेतृत्वकर्ता डॉ. श्रीमती केसन से भी मुलाकात की, जिन्हें मिशन से जुड़े लोग ‘स्पेस मॉम’ के नाम से संबोधित करते हैं।
अपने देश में स्नेहपूर्वक ‘सेशेल्स की माँ’ के रूप में पहचानी जाने वाली वेरोनिक हर्मिनी ने युवा प्रतिभागियों से संवाद करते हुए बेटियों और महिलाओं की विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि लड़कियों को सही अवसर, मार्गदर्शन और प्रोत्साहन मिले तो वे विज्ञान, तकनीक, अंतरिक्ष अनुसंधान और नेतृत्व के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां हासिल कर सकती हैं।
कार्यक्रम के दौरान बेटियों को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए लगातार प्रयास करने का संदेश दिया गया। युवा प्रतिभागियों को बताया गया कि उनके सपनों की कोई सीमा नहीं है और वे धरती से लेकर अंतरिक्ष तक अपनी प्रतिभा तथा क्षमता का प्रदर्शन कर सकती हैं। विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ते हुए चंद्रमा तक पहुंचने जैसे महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को भी हासिल किया जा सकता है।
आयोजकों के अनुसार मिशन शक्तिसैट दुनिया के बड़े ऑल-गर्ल्स चंद्र मिशनों में से एक है। इस पहल के माध्यम से 108 से अधिक देशों की बालिका वैज्ञानिकों और युवा प्रतिभाओं को एक साझा वैश्विक मंच पर जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इसका उद्देश्य अगली पीढ़ी की महिलाओं को अंतरिक्ष विज्ञान और अन्वेषण से जोड़ने के साथ उनमें वैज्ञानिक सोच, तकनीकी कौशल और नेतृत्व क्षमता विकसित करना है।
मिशन के माध्यम से अलग-अलग देशों की लड़कियों को अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी की शिक्षा, प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है। आयोजकों का कहना है कि इससे युवा प्रतिभागियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक-दूसरे से सीखने और अंतरिक्ष विज्ञान से संबंधित अनुभव साझा करने का अवसर मिलेगा।
वेरोनिक हर्मिनी की उपस्थिति को मिशन शक्तिसैट की वैश्विक पहल के लिए महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय समर्थन के रूप में देखा गया। कार्यक्रम में महिला नेतृत्व और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की भूमिका पर भी चर्चा हुई। इस दौरान संदेश दिया गया कि अंतरिक्ष विज्ञान केवल तकनीक, उपग्रह और प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि युवा पीढ़ी को विज्ञान से जोड़ने और प्रेरित करने वाले नेतृत्व की भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका है।
मिशन शक्तिसैट डॉ. श्रीमती केसन के नेतृत्व में संचालित एक वैश्विक पहल है। इसका उद्देश्य दुनिया के विभिन्न हिस्सों में रहने वाली लड़कियों और महिलाओं को अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी से जुड़ी शिक्षा, मार्गदर्शन और अवसर प्रदान कर उन्हें सशक्त बनाना है। आयोजकों के अनुसार इस पहल में 108 से अधिक देशों की भागीदारी को शामिल किया जा रहा है।
मिशन के जरिए बालिका वैज्ञानिकों को केवल अंतरिक्ष विज्ञान की जानकारी देने तक सीमित रहने के बजाय उन्हें वास्तविक वैज्ञानिक गतिविधियों और तकनीकी अनुभवों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही भविष्य में विज्ञान, इंजीनियरिंग, अंतरिक्ष अनुसंधान और संबंधित क्षेत्रों में करियर बनाने के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।
मिशन शक्तिसैट को स्पेस किड्ज इंडिया से भी जोड़ा गया है। आयोजकों के मुताबिक यह संगठन युवाओं को अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी से जोड़ने तथा विज्ञान शिक्षा को अधिक सुलभ बनाने की दिशा में काम करता है। संगठन के पास 27 उपग्रह मिशनों के निर्माण और प्रक्षेपण से जुड़ा अनुभव होने का दावा किया गया है और विद्यार्थी आधारित अंतरिक्ष विज्ञान गतिविधियों में भी इसकी भागीदारी रही है।
आयोजकों ने मिशन शक्तिसैट को संगठन की व्यापक वैश्विक पहलों में से एक बताया। इसका दायरा राष्ट्रीय स्तर से आगे बढ़ाकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक ले जाने और विभिन्न देशों की युवा वैज्ञानिक प्रतिभाओं को एक मंच पर जोड़ने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।
रक्षाबंधन के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण और बेटियों के भविष्य को लेकर भी संदेश दिया गया। वेरोनिक हर्मिनी की भागीदारी ने कार्यक्रम को महिला नेतृत्व, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और विज्ञान के क्षेत्र में बेटियों की बढ़ती भूमिका से जोड़ा।
कार्यक्रम का प्रमुख संदेश रहा कि विज्ञान और अंतरिक्ष अनुसंधान में बेटियों के लिए संभावनाओं की कोई सीमा नहीं है। सही शिक्षा, अवसर, संसाधन और मार्गदर्शन मिलने पर दुनिया की बेटियां न केवल वैज्ञानिक और तकनीकी क्षेत्रों में अपनी अलग पहचान बना सकती हैं, बल्कि धरती से अंतरिक्ष और चंद्रमा तक पहुंचने के अपने सपनों को भी वास्तविकता में बदल सकती हैं।


