Hapur News : उत्तर प्रदेश पुलिस के बहादुर अधिकारी और हापुड़ साइबर सेल के प्रभारी निरीक्षक मुनीष प्रताप सिंह ने एक बार फिर पुलिस विभाग और जिले का नाम रोशन किया है। 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लखनऊ स्थित पुलिस मुख्यालय में आयोजित समारोह में उन्हें वीरता के लिए ‘राष्ट्रपति गैलेंट्री मेडल’ प्रदान किया गया। यह सम्मान पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्णा ने उन्हें पहनाकर दिया।
यह पदक उन्हें वर्ष 2021 में नोएडा में की गई एक साहसिक मुठभेड़ के लिए मिला है। उस समय वह नोएडा की सेक्टर-20 कोतवाली के प्रभारी थे। पुलिस को खुफिया सूचना मिली थी कि दो लाख रुपये का इनामी बदमाश अजय कालिया सेक्टर-14 स्थित नाले के पास छिपा हुआ है। जानकारी मिलते ही मुनीष प्रताप सिंह ने टीम के साथ तत्काल इलाके की घेराबंदी कर दी। पुलिस को देखकर कालिया ने फायरिंग शुरू कर दी। आत्मरक्षा में की गई जवाबी कार्रवाई में यह कुख्यात अपराधी मारा गया।
अजय कालिया कोई आम अपराधी नहीं था। वह एक्सल गैंग का सरगना था। यह गिरोह हाईवे पर वाहनों के आगे नुकीली वस्तुएं डालकर टायर पंचर करता था और फिर लूट, डकैती के साथ बलात्कार और हत्या जैसी वारदातें करता था। कालिया 2016 के बुलंदशहर हाईवे कांड का मुख्य आरोपी था, जिसमें लूटपाट के साथ एक मां-बेटी से दुष्कर्म की घटना हुई थी। इसके अलावा वह सीबीआई, मथुरा, अलीगढ़, बदायूं और हरियाणा के पलवल पुलिस की मोस्ट वांटेड सूची में भी शामिल था। अलीगढ़ और मथुरा में एक्सप्रेस-वे पर हुई लूट की घटनाओं में भी उसका नाम सामने आया था।
मुनीष प्रताप सिंह का पुलिस करियर हमेशा साहस और उत्कृष्ट सेवा का प्रतीक रहा है। राष्ट्रपति गैलेंट्री मेडल से पूर्व भी उन्हें उत्कृष्ट सेवा पदक, डीजी प्रशस्ति चिन्ह और सराहनीय सेवा सम्मान से नवाजा जा चुका है।
इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर हापुड़ के पुलिस अधीक्षक कुंवर ज्ञानंजय सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक विनीत भटनागर समेत जिले के तमाम वरिष्ठ अधिकारियों और पुलिसकर्मियों ने उन्हें बधाई दी है और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।


