Bulandshahar (अवनीश त्यागी) : जिला पंचायत सभागार में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के जल शक्ति राज्य मंत्री दिनेश खटीक मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत शहीदों को श्रद्धांजलि देकर की गई।
विभाजन के समय पाकिस्तान से विस्थापित परिवारों की पीड़ा को लघु फिल्म के माध्यम से दिखाया गया। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों, शिक्षकों, छात्रों और आम नागरिकों ने हाथों में तख्तियां लेकर श्रद्धांजलि अर्पित की। तख्तियों पर “लाखों ने गंवाई जान, करोड़ों हुए बर्बाद”, “विभाजन की विभीषिका को रखना याद”, “फिर न बंटेगा भारत देश” और “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” जैसे नारे लिखे थे। इस दौरान लोकतंत्र सेनानियों को शॉल उड़ाकर सम्मानित किया गया। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और पाकिस्तान से विस्थापित परिवारों के बलिदान को याद करते हुए दो मिनट का मौन भी रखा गया।
कार्यक्रम के बाद कलेक्ट्रेट परिसर से कालेआम चौराहे तक मोमबत्तियां जलाकर मौन जुलूस निकाला गया। जुलूस में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया।
राज्य मंत्री दिनेश खटीक ने कहा कि यह दिवस 1947 में देश विभाजन के दौरान हुई पीड़ा और विस्थापन की याद दिलाता है। भारत का विभाजन इतिहास की दुखद घटना थी, जिसमें लाखों लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा और असंख्य परिवार बिछड़ गए। उन्होंने कहा कि यह हमें बताता है कि नफरत और विभाजन का परिणाम कितना भयावह होता है। इसलिए हमें नफरत छोड़कर एकता और अखंडता को मजबूत करना चाहिए।
कार्यक्रम में जिलाधिकारी कुमार हर्ष, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार सिंह, मुख्य विकास अधिकारी निशा ग्रेवाल, विधायक लक्ष्मीराज सिंह, देवेंद्र सिंह लोधी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। अंत में सभी ने “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के नारे के साथ राष्ट्रीय एकता और अखंडता की शपथ ली।



