Himachal Health Policy: हिमाचल में गरीब परिवारों को मिलेगा 10 लाख रुपये तक का हेल्थ इंश्योरेंस, नई स्वास्थ्य बीमा नीति लाएगी सरकार

Himachal Health Policy: हिमाचल में गरीब परिवारों को मिलेगा 10 लाख रुपये तक का हेल्थ इंश्योरेंस, नई स्वास्थ्य बीमा नीति लाएगी सरकार
शिमला, 4 अगस्त। हिमाचल प्रदेश सरकार राज्य के गरीब परिवारों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नई स्वास्थ्य बीमा नीति लाने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने स्वास्थ्य विभाग की उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रस्तावित नीति के तहत गरीब परिवारों को मात्र कम प्रीमियम पर 10 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि इस प्रकार की सुविधा लागू करने वाला हिमाचल प्रदेश देश का पहला राज्य बनेगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि नई स्वास्थ्य बीमा नीति के दायरे में प्रदेश के लगभग 10 लाख परिवारों को शामिल करने की योजना है। इसमें समाज के विभिन्न वर्गों को लाभ मिलेगा। साथ ही, योजना के तहत बड़े और उच्च स्तरीय अस्पतालों को सूचीबद्ध (एम्पैनल) किया जाएगा, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर परिवार भी बेहतर चिकित्सा सुविधाओं का लाभ उठा सकें।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रदेश का कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति आर्थिक तंगी के कारण गुणवत्तापूर्ण इलाज से वंचित न रहे। इसी सोच के साथ नई स्वास्थ्य बीमा नीति का प्रारूप तैयार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में लगातार नवाचार कर रही है। अस्पतालों और चिकित्सा शिक्षा संस्थानों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बेहतर इलाज के लिए मेडिकल जांच सेवाओं का स्वचालन (ऑटोमेशन) भी किया जा रहा है, जिससे मरीजों को तेज, पारदर्शी और सुविधाजनक स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी तथा समय की भी बचत होगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला अस्पतालों और सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में स्वास्थ्य सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर और मजबूत किया जाए, ताकि लोगों को अपने जिले या आसपास ही बेहतर उपचार उपलब्ध हो सके। इसके अलावा एम्स, नई दिल्ली के मानकों के अनुरूप आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की खरीद सुनिश्चित करने और सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों के रेडियोलॉजी विभागों को और सशक्त बनाने के भी निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य हिमाचल में ही विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं विकसित करना है, ताकि लोगों को बेहतर इलाज के लिए दूसरे राज्यों का रुख न करना पड़े। बैठक में महाधिवक्ता अनूप रतन, मुख्य सचिव के.के. पंत, प्रधान सचिव वित्त देवेश कुमार, सचिव स्वास्थ्य आशीष सिंहमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।





