Kanwar Yatra 2026: नोएडा के कांवड़ मार्गों पर गड्ढे और कंकड़ बने चुनौती, शिवभक्तों की सुरक्षा पर उठे सवाल
नोएडा। सावन मास में शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा में अब कुछ ही दिन शेष हैं, लेकिन नोएडा और ग्रेटर नोएडा से गुजरने वाले प्रमुख कांवड़ मार्गों की हालत अब भी चिंताजनक बनी हुई है। जगह-जगह उखड़ी सड़कें, गहरे गड्ढे, बिखरे कंकड़-पत्थर और अधूरे निर्माण कार्य श्रद्धालुओं की परेशानी बढ़ा सकते हैं। 30 जुलाई से शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों शिवभक्त इन मार्गों से गुजरेंगे, ऐसे में सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं।
प्रशासन ने पहले दावा किया था कि कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले सभी प्रमुख मार्गों की मरम्मत और आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएंगी, लेकिन हाल ही में हुई बारिश के बाद कई सड़कों की स्थिति और खराब हो गई है। कई स्थानों पर सड़कें खोदकर छोड़ दी गई हैं, जबकि कई जगहों पर गड्ढों में पानी भरने से दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है।
विशेष रूप से डीजे, रथ और ऊंची कांवड़ लेकर चलने वाले शिवभक्तों के लिए यह स्थिति अधिक चुनौतीपूर्ण मानी जा रही है। कांवड़ मार्गों पर फैले कंकड़-पत्थर और टूटी सड़कें यात्रा को कठिन बना सकती हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि यात्रा शुरू होने से पहले इन मार्गों की तत्काल मरम्मत की जानी चाहिए।
सिर्फ सड़कें ही नहीं, बल्कि कई स्थानों पर बिजली के पुराने तार भी निर्धारित ऊंचाई से नीचे लटके हुए पाए गए हैं। छिजारसी मार्ग समेत कई रूटों पर ऐसे बिजली के तार ऊंची कांवड़ और डीजे वाहनों के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं। हालांकि विद्युत विभाग का कहना है कि अधिकांश स्थानों पर तारों को ऊंचा करने और ट्रांसफॉर्मरों की बैरिकेडिंग का कार्य किया जा चुका है तथा शेष कार्य भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा।
श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक सुविधाओं की स्थिति भी अभी पूरी तरह संतोषजनक नहीं है। कई मार्गों पर पेयजल, अस्थायी शौचालय, प्रकाश व्यवस्था, सफाई और विश्राम स्थलों की पर्याप्त व्यवस्था दिखाई नहीं दे रही है। यदि समय रहते इन व्यवस्थाओं को दुरुस्त नहीं किया गया तो लाखों कांवड़ियों को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।
कालिंदी कुंज से ओखला पक्षी विहार मार्ग तक भी कई स्थानों पर सड़कें क्षतिग्रस्त हैं। कालिंदी कुंज पुल पर बारिश के दौरान पानी भर जाता है, जबकि ओखला पक्षी विहार मार्ग पर बैरिकेडिंग तो कर दी गई है लेकिन प्रकाश व्यवस्था अब भी अधूरी है। इसके अलावा इस मार्ग पर लावारिस पशुओं की मौजूदगी भी दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ा रही है।
जिले में कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालु मुख्य रूप से चिल्ला बॉर्डर, सेक्टर-14ए, रजनीगंधा चौक, सेक्टर-18, डीएनडी मार्ग, कालिंदी कुंज बॉर्डर, महामाया फ्लाईओवर, सेक्टर-37, नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे, दादरी, सूरजपुर, सिकंदराबाद तथा एनएच-9 से छिजारसी होते हुए जेवर जाने वाले मार्गों का उपयोग करते हैं। इन सभी रूटों पर सुरक्षा और सुविधाओं की व्यापक व्यवस्था प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।
डीसीपी ट्रैफिक अभय कुमार मिश्र ने बताया कि खराब सड़कों की मरम्मत के लिए संबंधित प्राधिकरण को पत्र भेजा जा चुका है और कई स्थानों पर सुधार कार्य भी शुरू हो गया है। वहीं विद्युत निगम के अधीक्षण अभियंता (तकनीकी) विवेक कुमार ने कहा कि जहां-जहां बिजली के तार नीचे थे, उन्हें निर्धारित ऊंचाई पर कर दिया गया है और शेष कार्य भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा।
कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज करने का दावा किया है, लेकिन जमीनी स्तर पर अभी भी कई स्थानों पर सुधार कार्य पूरे होने का इंतजार है। ऐसे में यात्रा शुरू होने से पहले सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय और तेज कार्रवाई की जरूरत महसूस की जा रही है।



