AAP Kisan Sammelan: ग्रेटर नोएडा में 17 जुलाई को किसान सम्मेलन आयोजित करेगी आम आदमी पार्टी, किसानों की समस्याओं पर बनेगी रणनीति

AAP Kisan Sammelan: ग्रेटर नोएडा में 17 जुलाई को किसान सम्मेलन आयोजित करेगी आम आदमी पार्टी, किसानों की समस्याओं पर बनेगी रणनीति
नोएडा, 15 जुलाई। आम आदमी पार्टी ने किसानों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने के उद्देश्य से 17 जुलाई को ग्रेटर नोएडा में एक बड़े किसान सम्मेलन के आयोजन की घोषणा की है। पार्टी की ओर से आयोजित इस सम्मेलन में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से किसान प्रकोष्ठ के पदाधिकारी, दिल्ली के कई विधायक और वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य किसानों की समस्याओं पर व्यापक चर्चा कर उनके समाधान के लिए रणनीति तैयार करना बताया गया है।
बुधवार को ग्रेटर नोएडा स्थित प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में पार्टी नेताओं ने सम्मेलन की रूपरेखा साझा की। बताया गया कि कार्यक्रम का आयोजन पटेल लोक सांस्कृतिक संस्थान में होगा, जहां प्रदेशभर से बड़ी संख्या में किसान प्रतिनिधियों के पहुंचने की संभावना है। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता, उत्तर प्रदेश प्रभारी और राज्यसभा सांसद संजय सिंह सम्मेलन के मुख्य अतिथि होंगे।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए पार्टी के किसान प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष अशोक कमांडो ने कहा कि उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों से किसान प्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्रों की प्रमुख समस्याएं सम्मेलन में रखेंगे। उन्होंने कहा कि किसानों को समय पर खाद उपलब्ध न होना, खाद वितरण केंद्रों पर लंबी कतारें, लगातार बिजली कटौती, प्राकृतिक आपदाओं से फसलों को नुकसान होने के बावजूद पर्याप्त मुआवजा न मिलना जैसी समस्याएं लगातार किसानों को परेशान कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि सम्मेलन में तहसीलों और पुलिस थानों में किसानों के साथ कथित दलाली और उत्पीड़न, जमीनों पर अवैध कब्जों तथा अन्य प्रशासनिक समस्याओं पर भी विस्तार से चर्चा होगी। इन सभी मुद्दों को राज्यसभा सांसद संजय सिंह के समक्ष रखा जाएगा, ताकि किसानों के हित में प्रभावी रणनीति तैयार की जा सके।
अशोक कमांडो ने कहा कि आम आदमी पार्टी किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार आवाज उठाती रही है और आगे भी किसानों के साथ होने वाले अन्याय, शोषण और उत्पीड़न के खिलाफ संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि सम्मेलन के माध्यम से प्रदेशभर के किसानों की समस्याओं को एक साझा मंच पर लाकर सरकार तक पहुंचाया जाएगा और उनके समाधान के लिए संगठित प्रयास किए जाएंगे।





