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Meghalaya Pineapple Festival: दिल्ली हाट में महका मेघालय का ऑर्गेनिक अनानास, किसानों को मिलेगा राष्ट्रीय और वैश्विक बाजार से जुड़ने का अवसर

Meghalaya Pineapple Festival: दिल्ली हाट में महका मेघालय का ऑर्गेनिक अनानास, किसानों को मिलेगा राष्ट्रीय और वैश्विक बाजार से जुड़ने का अवसर

नई दिल्ली। राजधानी के दिल्ली हाट में आयोजित मेघालय पाइनएप्पल फेस्टिवल में पूर्वोत्तर भारत के मशहूर ऑर्गेनिक अनानास की मिठास लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। तीन दिवसीय इस विशेष आयोजन में बड़ी संख्या में लोग मेघालय के अनानास का स्वाद लेने पहुंच रहे हैं। मेघालय सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की ओर से आयोजित इस फेस्टिवल का उद्देश्य राज्य के किसानों, सहकारी समितियों, निर्यातकों और खरीदारों को एक साझा मंच प्रदान करना है, ताकि मेघालय के अनानास को देश और विदेश के बड़े बाजारों तक पहुंचाया जा सके।

मेघालय देश के प्रमुख अनानास उत्पादक राज्यों में शामिल है। राज्य में लगभग 12,600 हेक्टेयर क्षेत्र में अनानास की खेती की जाती है और हर वर्ष 1.40 लाख टन से अधिक उत्पादन होता है। इस खेती से एक लाख से अधिक किसान जुड़े हुए हैं, जिनमें लगभग 50 प्रतिशत महिलाएं हैं। इससे यह खेती न केवल कृषि उत्पादन बल्कि ग्रामीण आजीविका और महिला सशक्तिकरण का भी महत्वपूर्ण माध्यम बन चुकी है।

मेघालय के अनानास की सबसे बड़ी विशेषता इसकी प्राकृतिक मिठास है। यहां उगने वाले अनानास का ब्रिक्स स्तर 16 से 18 तक होता है, जबकि कुछ किस्मों में यह 21 तक पहुंच जाता है। सामान्य अनानास का ब्रिक्स स्तर आमतौर पर 12 से 14 के बीच होता है। अधिक ब्रिक्स स्तर का अर्थ है कि फल में प्राकृतिक शर्करा अधिक होती है, जिससे उसका स्वाद ज्यादा मीठा और खट्टापन कम होता है। यही कारण है कि इस अनानास को खाने पर गले में जलन या खुजली जैसी समस्या भी नहीं होती।

दिल्ली हाट में आयोजित इस फेस्टिवल के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने मेघालय के ऑर्गेनिक अनानास की गुणवत्ता और स्वाद की सराहना की। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के आयोजन किसानों को सीधे बड़े खरीदारों से जोड़ने के साथ-साथ उनके उत्पादों को बेहतर मूल्य दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

मेघालय के अनानास की पहचान अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी तेजी से बन रही है। जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन ज़ायद अल नाहयान को मेघालय का अनानास भेंट किया था। इसके बाद दुबई सहित कई खाड़ी देशों में इस अनानास की मांग लगातार बढ़ी है।

दिल्ली-एनसीआर में भी इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। वर्ष 2023 में जहां इसकी 7.7 मीट्रिक टन बिक्री दर्ज की गई थी, वहीं 2024 में यह बढ़कर 10.6 मीट्रिक टन, 2025 में 15.4 मीट्रिक टन और वर्ष 2026 में 21 मीट्रिक टन से अधिक पहुंच गई। इसके अलावा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म फ्लिपकार्ट मिनट्स पर भी हर सप्ताह लगभग 5 मीट्रिक टन अनानास की बिक्री दर्ज की जा रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि उच्च ब्रिक्स स्तर, बेहतरीन स्वाद, आकर्षक सुगंध और ऑर्गेनिक खेती की वजह से मेघालय का अनानास देश और दुनिया के प्रीमियम फलों में अपनी अलग पहचान बना रहा है। इससे किसानों की आय बढ़ने के साथ-साथ पूर्वोत्तर भारत के कृषि उत्पादों को भी वैश्विक बाजार में नई पहचान मिल रही है।

 

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