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Indian Armed Forces: सशस्त्र बलों में बड़ा नेतृत्व बदलाव, सेना और वायुसेना को मिले नए कमांडर

Indian Armed Forces: सशस्त्र बलों में बड़ा नेतृत्व बदलाव, सेना और वायुसेना को मिले नए कमांडर

नई दिल्ली, 1 जुलाई : भारतीय सशस्त्र बलों में शीर्ष स्तर पर बड़ा नेतृत्व परिवर्तन करते हुए रक्षा मंत्रालय ने सेना और वायुसेना के पांच महत्वपूर्ण पदों पर नए वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्ति की है। इन नियुक्तियों को देश की सैन्य क्षमता, संयुक्त रक्षा रणनीति और आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि नए नेतृत्व के साथ तीनों सेनाओं के बीच बेहतर समन्वय, थिएटर कमांड की अवधारणा को गति और भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों से निपटने की तैयारियों को नई मजबूती मिलेगी।

नियुक्तियों के तहत एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने भारतीय वायुसेना के उप प्रमुख (वाइस चीफ ऑफ एयर स्टाफ) का पदभार संभाल लिया है। वहीं एयर मार्शल तेजिंदर सिंह को चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ टू चेयरमैन चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी (CISC) की जिम्मेदारी सौंपी गई है। थल सेना में लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन ने उप सेना प्रमुख का पदभार ग्रहण किया है, जबकि लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर को दक्षिणी कमान और लेफ्टिनेंट जनरल मोहित मल्होत्रा को जयपुर स्थित दक्षिण-पश्चिमी कमान का नया कमांडर बनाया गया है।

एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित भारतीय वायुसेना के अनुभवी फाइटर पायलटों में शामिल हैं। करीब चार दशक के सैन्य अनुभव के दौरान उन्होंने 3,500 घंटे से अधिक उड़ान भरी है। उन्होंने मिराज-2000, मिग, जगुआर और स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस जैसे कई आधुनिक विमानों का संचालन किया है। इसके अलावा उन्होंने ऑपरेशन सफेद सागर, ऑपरेशन रक्षक और ऑपरेशन सिंदूर सहित कई महत्वपूर्ण सैन्य अभियानों में अहम भूमिका निभाई है। उनके अनुभव को वायुसेना की भविष्य की रणनीति और परिचालन क्षमता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

एयर मार्शल तेजिंदर सिंह के पास 4,500 घंटे से अधिक उड़ान का अनुभव है। उन्होंने त्रि-सेवा समन्वय, संयुक्त सैन्य योजना और रणनीतिक संचालन के क्षेत्र में लंबे समय तक कार्य किया है। नए चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ के रूप में उनकी भूमिका तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने और संयुक्त सैन्य अभियानों को अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण होगी।

थल सेना के उप सेना प्रमुख बने लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन ने अपने लंबे सैन्य करियर के दौरान ऑपरेशन पवन, संयुक्त राष्ट्र शांति मिशनों तथा उत्तरी और दक्षिणी कमानों में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों में उनका नेतृत्व अनुभव सेना की परिचालन क्षमता को और मजबूत करने में सहायक माना जा रहा है।

दक्षिणी कमान की जिम्मेदारी संभालने वाले लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर ऑपरेशन सिंदूर के दौरान 2 कोर का सफल नेतृत्व कर चुके हैं। वहीं जयपुर स्थित दक्षिण-पश्चिमी कमान के नए कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मोहित मल्होत्रा ने सियाचिन ग्लेशियर से लेकर रेगिस्तानी सीमावर्ती क्षेत्रों तक कई रणनीतिक मोर्चों पर नेतृत्व किया है। विविध भौगोलिक परिस्थितियों में उनका अनुभव सेना की तैयारियों को और सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इन नियुक्तियों से भारतीय सशस्त्र बलों में संयुक्तता (Jointness) की अवधारणा को और मजबूती मिलेगी। साथ ही प्रस्तावित थिएटर कमांड प्रणाली, सैन्य आधुनिकीकरण, स्वदेशी रक्षा तकनीकों के उपयोग और भविष्य की बहुआयामी सुरक्षा चुनौतियों से निपटने की रणनीति को भी नई गति मिलेगी। नए नेतृत्व से भारतीय सेना और वायुसेना की परिचालन दक्षता, रणनीतिक क्षमता और समन्वित सैन्य तैयारी को और अधिक प्रभावी बनाए जाने की उम्मीद है।

 

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