Defence Deal: नौसेना को मिलेगी स्वदेशी ताकत, 425 करोड़ रुपये में खरीदे जाएंगे मरीन गैस टर्बाइन जनरेटर

Defence Deal: नौसेना को मिलेगी स्वदेशी ताकत, 425 करोड़ रुपये में खरीदे जाएंगे मरीन गैस टर्बाइन जनरेटर
नई दिल्ली: आत्मनिर्भर भारत अभियान को बढ़ावा देते हुए रक्षा मंत्रालय ने भारतीय नौसेना की ताकत बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मंत्रालय ने नौसेना के लिए 1.25 मेगावाट क्षमता वाले 12 मरीन गैस टर्बाइन जनरेटर की खरीद के लिए पुणे स्थित भारत फोर्ज लिमिटेड के साथ करीब 425 करोड़ रुपये का अनुबंध किया है।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, ये स्वदेशी जनरेटर नौसैनिक युद्धपोतों में बिजली आपूर्ति की महत्वपूर्ण जरूरत को पूरा करेंगे। इनका इस्तेमाल युद्धपोतों पर लगे आधुनिक हथियारों, सेंसर और अन्य अत्याधुनिक युद्ध प्रणालियों को ऊर्जा उपलब्ध कराने में किया जाएगा।
इन मरीन गैस टर्बाइन जनरेटर में 60 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे देश में रक्षा उपकरणों के निर्माण को बढ़ावा मिलेगा और विदेशी निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।
रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह अनुबंध समुद्री क्षेत्र में रणनीतिक आत्मनिर्भरता बढ़ाने की दिशा में एक अहम उपलब्धि है। इससे न केवल भारतीय रक्षा उद्योग को मजबूती मिलेगी, बल्कि स्वदेशी तकनीक और विनिर्माण क्षमता को भी बढ़ावा मिलेगा।
भारतीय नौसेना के लिए अत्याधुनिक ऊर्जा प्रणालियों की उपलब्धता युद्धपोतों की परिचालन क्षमता को और मजबूत करेगी। आधुनिक हथियारों, निगरानी प्रणालियों और सेंसर तकनीक के बेहतर संचालन के लिए विश्वसनीय बिजली आपूर्ति बेहद जरूरी होती है।
रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सरकार लगातार निजी कंपनियों और भारतीय रक्षा उद्योग को प्रोत्साहित कर रही है। भारत फोर्ज के साथ हुआ यह समझौता इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इस सौदे से भारतीय नौसेना को भविष्य की समुद्री चुनौतियों का सामना करने के लिए अधिक सक्षम और आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी।





