Noida Airport Plot Scheme: नोएडा एयरपोर्ट के पास 973 आवंटियों को मिले आवासीय भूखंड

Noida Airport Plot Scheme नोएडा एयरपोर्ट के पास 973 आवंटियों को मिले आवासीय भूखंड
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास घर बनाने का सपना देख रहे लोगों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) द्वारा निकाली गई आवासीय भूखंड योजना के तहत 973 आवेदकों को भूखंड आवंटित कर दिए गए हैं। गुरुवार को ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो मार्ट एंड सेंटर में पारदर्शी प्रक्रिया के तहत ड्रॉ आयोजित किया गया, जिसमें चयनित आवेदकों के नाम घोषित किए गए। यीडा ने छह अप्रैल को सेक्टर-15सी, सेक्टर-18 और सेक्टर-24ए में कुल 973 आवासीय भूखंडों की योजना लॉन्च की थी। इस योजना में 162, 183, 184, 200, 223 और 290 वर्गमीटर क्षेत्रफल के भूखंड शामिल थे। आवेदन प्रक्रिया 6 मई तक चली, जिसके बाद सभी आवेदनों का सत्यापन किया गया। गुरुवार को आयोजित ड्रॉ प्रक्रिया पूर्व न्यायाधीश के पैनल की निगरानी में संपन्न हुई। पर्ची निकालकर आवंटियों का चयन किया गया और पूरी प्रक्रिया का विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तथा डिजिटल माध्यमों पर लाइव प्रसारण भी किया गया, जिससे पारदर्शिता बनी रहे। ड्रॉ में नाम आने के बाद चयनित आवंटी काफी उत्साहित नजर आए। इस योजना को लोगों से जबरदस्त प्रतिसाद मिला। कुल 973 भूखंडों के लिए लगभग 1.11 लाख आवेदन प्राप्त हुए। सबसे अधिक मांग 162 और 200 वर्गमीटर के भूखंडों की रही। इन दोनों श्रेणियों में प्रत्येक भूखंड के लिए 100 से अधिक दावेदार मैदान में थे। भारी प्रतिस्पर्धा के बीच ड्रॉ के माध्यम से केवल 973 आवेदकों का चयन हो सका। योजना के तहत 168 आवेदन निरस्त किए गए। इनमें एक से अधिक आवेदन करने वाले 140 आवेदक, आवेदन वापस लेने वाले 23 आवेदक, एचयूएफ श्रेणी के 5 आवेदन तथा कंपनी के नाम से किया गया 1 आवेदन शामिल है। सत्यापन के दौरान इन्हें नियमों के अनुरूप पात्र नहीं पाया गया, इसलिए इन्हें ड्रॉ प्रक्रिया से बाहर रखा गया। यीडा अधिकारियों ने बताया कि जिन आवेदकों को भूखंड आवंटित नहीं हो सके हैं, उनकी जमा राशि 72 घंटे के भीतर वापस कर दी जाएगी। इसके लिए विशेष निर्देश जारी किए गए हैं ताकि आवेदकों को रिफंड के लिए किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। चयनित आवंटियों को निर्धारित नियमों के अनुसार छह माह के भीतर रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके बाद उन्हें तय शर्तों के तहत भूखंड पर निर्माण कार्य शुरू करना होगा। यीडा के एसीईओ शैलेंद्र भाटिया ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी निगरानी के बीच पूरी प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न हुई। सभी 973 भूखंड पारदर्शी ड्रॉ के माध्यम से आवंटित किए गए हैं और चयनित आवंटियों को निर्धारित नियमों के अनुसार भवन निर्माण करना होगा।




