Greater Noida West: मेंटेनेंस शुल्क बढ़ाने पर इकोविलेज-1 में विवाद गहराया, निवासियों ने कोतवाली पहुंचकर जताया विरोध

Greater Noida West: मेंटेनेंस शुल्क बढ़ाने पर इकोविलेज-1 में विवाद गहराया, निवासियों ने कोतवाली पहुंचकर जताया विरोध
नोएडा। ग्रेटर नोएडा वेस्ट की इकोविलेज-1 सोसाइटी में मेंटेनेंस शुल्क बढ़ाए जाने को लेकर निवासियों और रखरखाव एजेंसी के बीच विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। बढ़े हुए शुल्क के विरोध में शनिवार को सोसाइटी के निवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल बिसरख कोतवाली पहुंचा और एसीपी पवन कुमार से मुलाकात कर अपनी शिकायत दर्ज कराई। साथ ही निवासियों ने रविवार को प्रस्तावित प्रदर्शन के लिए अनुमति भी मांगी।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे संजय शर्मा ने बताया कि निवासियों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए एसीपी पवन कुमार ने मामले में हस्तक्षेप किया और रखरखाव एजेंसी के प्रतिनिधियों से बातचीत की। इसके बाद एजेंसी के प्रतिनिधि निखिल सिसोदिया को बिसरख कोतवाली बुलाया गया, जहां दोनों पक्षों के बीच वार्ता आयोजित की गई।
कोतवाली प्रभारी मुनेंद्र की अध्यक्षता में हुई बैठक में निवासियों ने स्पष्ट रूप से अपनी आपत्तियां रखीं। उनका कहना था कि रखरखाव एजेंसी ने बिना निवासियों की सहमति और बिना किसी पूर्व चर्चा के मेंटेनेंस शुल्क में वृद्धि कर दी, जो उचित नहीं है। निवासियों ने मांग की कि बढ़ा हुआ शुल्क तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए। साथ ही यदि एजेंसी सोसाइटी का रखरखाव कार्य जारी नहीं रखना चाहती है तो वह निर्धारित प्रक्रिया के तहत तीन महीने का नोटिस देकर परिसर छोड़ दे।बैठक के दौरान निवासियों ने यह भी कहा कि यदि रखरखाव शुल्क बढ़ाने की आवश्यकता थी तो एजेंसी को पहले सभी निवासियों की बैठक बुलाकर अपनी आर्थिक स्थिति और कारणों को स्पष्ट करना चाहिए था। पारदर्शिता और सर्वसम्मति के आधार पर निर्णय लिया जाता तो विवाद की स्थिति उत्पन्न नहीं होती।
हालांकि दोनों पक्षों के बीच लंबी चर्चा के बावजूद किसी निष्कर्ष पर सहमति नहीं बन सकी। शुल्क वृद्धि को लेकर एजेंसी और निवासियों के अपने-अपने तर्क रहे, जिसके चलते मामला फिलहाल अनसुलझा बना हुआ है।
कोतवाली प्रभारी मुनेंद्र ने बताया कि विवाद के समाधान के लिए आगामी बुधवार को एक और बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में दोनों पक्षों की सहमति से ऐसा समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा जो सभी के लिए स्वीकार्य हो। फिलहाल सोसाइटी के निवासी शुल्क वृद्धि के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करने की तैयारी में हैं और मामले पर सभी की नजरें आगामी बैठक पर टिकी हुई हैं।





