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Himachal Education : ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ को मिलेगी मुफ्त NEET-JEE कोचिंग, मुख्यमंत्री ने लॉन्च किया ‘एस्पायर टैलेंट हंट’

Himachal Education : ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ को मिलेगी मुफ्त NEET-JEE कोचिंग, मुख्यमंत्री ने लॉन्च किया ‘एस्पायर टैलेंट हंट’

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने रविवार को ‘एस्पायर टैलेंट हंट’ का पोस्टर जारी किया। इस पहल के तहत मेधावी विद्यार्थियों को आगे बढ़ाने और जरूरतमंद बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विशेष सहायता प्रदान की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘एस्पायर टैलेंट हंट’ प्रतियोगिता का आयोजन 27 सितंबर को किया जाएगा। इस प्रतियोगिता के माध्यम से एस्पायर संस्थान द्वारा मेधावी छात्रों का चयन कर सुपर-50 बैच तैयार किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि इस पहल का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा यह है कि संस्थान 15 ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ को NEET और JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए पूरी तरह निःशुल्क कोचिंग उपलब्ध करवाएगा। इन विद्यार्थियों की कोचिंग फीस, अध्ययन सामग्री और अन्य शैक्षणिक खर्च संस्थान स्वयं वहन करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने लगभग 6000 निराश्रित बच्चों को ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ का दर्जा देने के लिए विशेष कानून बनाया है। इस योजना के तहत सरकार इन बच्चों की 27 वर्ष की आयु तक देखभाल और शिक्षा संबंधी जरूरतों का जिम्मा उठा रही है।

उन्होंने कहा कि सरकार समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के बच्चों को बेहतर शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य देने के लिए लगातार काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना के अंतर्गत विधवा और एकल महिलाओं के बच्चों की पढ़ाई का खर्च भी राज्य सरकार द्वारा उठाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए कई कल्याणकारी योजनाएं लागू की गई हैं।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री के सचिव आशीष सिंहमार, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान निजी सचिव राजीव कुमार और योगेंद्र मीणा भी मौजूद रहे।

इस पहल को शिक्षा और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को बड़ी मदद मिलेगी और वे राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे।

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