National Sports Tribuna: खेल प्रशासन में पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम, राष्ट्रीय खेल न्यायाधिकरण में सदस्यों की नियुक्ति के लिए आवेदन आमंत्रित
नई दिल्ली, 3 जून। केंद्र सरकार ने खेल प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और विवादों के त्वरित निपटारे को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय खेल शासन अधिनियम-2025 के तहत गठित राष्ट्रीय खेल न्यायाधिकरण (एनएसटी) में दो सदस्यों की नियुक्ति के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह न्यायाधिकरण खेलों से जुड़े विभिन्न विवादों के समाधान के लिए स्थापित एक स्वतंत्र वैधानिक संस्था है, जिसका मुख्यालय नई दिल्ली में होगा। सरकार का मानना है कि राष्ट्रीय खेल न्यायाधिकरण की स्थापना और उसमें योग्य सदस्यों की नियुक्ति से देश में खेल प्रशासन को अधिक पारदर्शी और उत्तरदायी बनाया जा सकेगा। यह संस्था खिलाड़ियों, खेल संघों और अन्य संबंधित पक्षों के बीच उत्पन्न होने वाले विवादों का निष्पक्ष और प्रभावी समाधान प्रदान करेगी, जिससे खेल क्षेत्र में सुशासन को बढ़ावा मिलेगा।
इसी क्रम में युवाओं की राष्ट्र निर्माण में भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से मेरा युवा भारत (MY Bharat) ने विकसित वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम-2026 के पहले चरण की शुरुआत की है। इस पहल के तहत देशभर से चयनित 500 युवा स्वयंसेवक लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के सीमावर्ती गांवों में एक सप्ताह तक निवास करेंगे और स्थानीय समुदायों के साथ मिलकर विभिन्न विकासात्मक गतिविधियों में भाग लेंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के साथ युवाओं का संवाद बढ़ाना, राष्ट्रीय एकता को मजबूत करना, ग्रामीण विकास को प्रोत्साहित करना तथा युवाओं में सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है। सरकार का मानना है कि इस पहल से सीमावर्ती गांवों के विकास को नई गति मिलेगी और युवाओं को जमीनी स्तर पर कार्य करने का महत्वपूर्ण अनुभव प्राप्त होगा। वहीं खेल विज्ञान और एंटी-डोपिंग अनुसंधान को बढ़ावा देने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। राष्ट्रीय डोप परीक्षण प्रयोगशाला (एनडीटीएल), नई दिल्ली और एसजीटी यूनिवर्सिटी, गुरुग्राम के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस समझौते का उद्देश्य खेल विज्ञान, एंटी-डोपिंग शोध और खिलाड़ियों के समग्र कल्याण को बढ़ावा देना है। इस साझेदारी के तहत छात्रों और शोधार्थियों को प्रशिक्षण, इंटर्नशिप, अनुसंधान परियोजनाओं और आधुनिक प्रयोगशाला तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सहयोग खेल विज्ञान के क्षेत्र में नई संभावनाओं को जन्म देगा और खिलाड़ियों के प्रदर्शन तथा स्वास्थ्य सुरक्षा को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सरकार की इन पहलों को खेल प्रशासन में सुधार, युवा सशक्तिकरण और वैज्ञानिक अनुसंधान को प्रोत्साहन देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो भविष्य में देश के खेल पारिस्थितिकी तंत्र को और अधिक मजबूत बनाने में सहायक सिद्ध होंगे।


