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Uttar Pradesh : हापुड़ में रामलीला मैदान में राजकीय पुस्तकालय की जमीन पर चला बुलडोजर, विरोध के बाद तारबंदी कर लिया कब्जा

Hapur : हापुड़ में मंगलवार को श्री रामलीला मैदान में जिला राजकीय पुस्तकालय के लिए चिन्हित सरकारी जमीन पर कब्जा लेने पहुंची तहसील व अन्य विभागों की टीम को कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। मौके पर रामलीला समिति के कुछ पदाधिकारी जमीन पर लेट गए और अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान नोकझोंक भी हुई। करीब ढाई घंटे तक चले हंगामे के बाद अधिकारियों ने बुलडोजर से अवैध अतिक्रमण हटवाया और पुलिस की मौजूदगी में भूमि पर तारबंदी कराकर जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय को निर्माण के लिए जमीन सौंप दी।

करीब एक हजार वर्ग मीटर भूमि पर जिला राजकीय पुस्तकालय का निर्माण होना है। इसके लिए रामलीला मैदान में जमीन चिन्हित की गई थी, लेकिन लंबे प्रयास के बाद भी कब्जा नहीं मिल सका था। मंगलवार दोपहर करीब एक बजे नायब तहसीलदार नितिन चौधरी और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची तो रामलीला समिति के पदाधिकारी विरोध में आ गए। श्री रामलीला समिति के प्रधान विनोद वर्मा और महामंत्री उमेश अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान में शहीद मेले का संचालन चल रहा है। मेले के बीच इस प्रकार की कार्रवाई गलत है, लेकिन अधिकारियों ने किसी की एक नहीं सुनी और कार्रवाई जारी रखी। इस बात पर हंगामा भी हुआ। वहीं उमेश अग्रवाल ने डीएम मुर्दाबाद के नारे भी लगाए। पहले तो टीम मात्र जमीन चिन्हित कर लौट गई थी, लेकिन हंगामे के बाद डीएम कविता मीना के आदेश पर टीम पुनः पहुंची और सरकारी भूमि पर कब्जा ले लिया गया।

समिति के संरक्षक अनिल आजाद ने कहा कि यदि प्रशासन जिला राजकीय पुस्तकालय के नाम की घोषणा डॉ. भीमराव आंबेडकर के नाम से करता है तो सबसे पहला पत्थर समिति के पदाधिकारी लगाएंगे। वर्तमान में न्यायालय में एक वाद चल रहा है, जिसमें 10 जुलाई को स्टे के लिए तारीख है। इसलिए सुनवाई से पूर्व इस प्रकार की कार्रवाई करना गलत है। उन्होंने कहा कि कुर्रे बंदी के बाद ही जमीन ली जानी चाहिए। इस जमीन पर पुस्तकालय के निर्माण से रामलीला के संचालन में परेशानी आएगी। इसलिए कमेटी की मांग है कि प्रशासन के अधिकारी रामलीला संचालन के सामने वाले ग्राउंड में उतनी ही भूमि ले लें और वहां पुस्तकालय का निर्माण करा दें। इससे संचालन भी प्रभावित नहीं होगा। उन्होंने कहा कि मैदान में हुए अवैध अतिक्रमण और मीट की दुकानों को बंद कराया जाए। शिकायतों के बाद भी इनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही है। इस दौरान डीके अग्रवाल, सुयष वशिष्ठ, शुभम गोयल आदि मौजूद रहे।

नायब तहसीलदार नितिन चौधरी ने बताया कि करीब एक हजार वर्ग मीटर भूमि से कब्जा हटवाया गया है। कुछ लोगों ने अवैध रूप से दुकानों का निर्माण किया था, जिन्हें हटवाया गया है। मौके पर तारबंदी की गई है।

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