Noida Elevated Road: नोएडा में 5.43 किमी लंबी एलिवेटेड रोड बनेगी, IIT तैयार करेगा DPR, 700 करोड़ रुपये होंगे खर्च
Noida Elevated Road: नोएडा में 5.43 किमी लंबी एलिवेटेड रोड बनेगी, IIT तैयार करेगा DPR, 700 करोड़ रुपये होंगे खर्च
नोएडा शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या को कम करने और दिल्ली-नोएडा के बीच आवागमन को तेज व सुगम बनाने के लिए एक बड़ी आधारभूत परियोजना पर काम शुरू होने जा रहा है। नोएडा प्राधिकरण ने एमपी-1 रोड पर प्रस्तावित एलिवेटेड रोड परियोजना को फिर से गति देने का निर्णय लिया है। इस परियोजना के तहत अब एलिवेटेड रोड की लंबाई बढ़ाकर लगभग 5.43 किलोमीटर कर दी गई है, जो सेक्टर-3 से शुरू होकर सेक्टर-60 तक जाएगी और आगे एमपी-2 रोड से जुड़ेगी। इस परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR), डिजाइन और तकनीकी व्यवहार्यता अध्ययन का कार्य भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) को सौंपा जाएगा।
प्राधिकरण अधिकारियों के अनुसार, एलिवेटेड रोड का निर्माण लगभग 700 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा। परियोजना के लिए आईआईटी रुड़की को तकनीकी सलाहकार नियुक्त करने की तैयारी है और संस्थान को डीपीआर तैयार करने के लिए लगभग ढाई करोड़ रुपये दिए जाएंगे। आईआईटी एक महीने के भीतर परियोजना की व्यवहार्यता रिपोर्ट, तकनीकी डिजाइन और निर्माण संबंधी सुझाव तैयार करेगा। अंतिम लागत और निर्माण योजना डीपीआर तैयार होने के बाद तय की जाएगी।
प्रस्तावित छह लेन की एलिवेटेड रोड सेक्टर-3, सेक्टर-10, सेक्टर-12, सेक्टर-22 टी-प्वाइंट, सेक्टर-57 होते हुए सेक्टर-60 तक पहुंचेगी। परियोजना का सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्सा सेक्टर-12 और सेक्टर-22 के टी-प्वाइंट क्षेत्र को माना जा रहा है, जहां सड़क को जोड़ने के लिए तकनीकी रूप से जटिल मोड़ की आवश्यकता होगी। अधिकारियों का कहना है कि आईआईटी इस हिस्से के लिए ऐसा डिजाइन तैयार करेगा जिससे वाहनों की गति बाधित न हो और ट्रैफिक का प्रवाह सुचारू बना रहे।
इस एलिवेटेड रोड के निर्माण के बाद दिल्ली और डीएनडी फ्लाईवे से नोएडा के आईटी हब, औद्योगिक क्षेत्रों और सेक्टर-62 जैसे प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों तक पहुंचना काफी आसान हो जाएगा। अधिकारियों का दावा है कि परियोजना पूरी होने के बाद डीएनडी से सेक्टर-62 तक की यात्रा लगभग 10 मिनट में पूरी की जा सकेगी। इससे हजारों कर्मचारियों, उद्योगों और दैनिक यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।
वर्तमान में एमपी-1 रोड पर सुबह और शाम के पीक आवर्स के दौरान भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती है। विशेष रूप से रजनीगंधा चौक से सेक्टर-12, 22 और 56 तिराहे तक वाहन अक्सर रेंगते हुए दिखाई देते हैं। इस मार्ग का उपयोग नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों, आवासीय सेक्टरों, दिल्ली, खोड़ा और इंदिरापुरम जाने वाले हजारों वाहन प्रतिदिन करते हैं। आने वाले वर्षों में वाहनों की संख्या बढ़ने के कारण दबाव और अधिक बढ़ने की संभावना है, जिसे देखते हुए एलिवेटेड रोड परियोजना को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
यह परियोजना नई नहीं है। वर्ष 2015-16 में तत्कालीन मुख्यमंत्री Akhilesh Yadav ने सेक्टर-10 से सेक्टर-12/22 तिराहे तक एलिवेटेड रोड परियोजना का शिलान्यास भी किया था। हालांकि बाद में विभिन्न कारणों से परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी और फाइल ठंडे बस्ते में चली गई। वर्ष 2017 के बाद भी इस पर कुछ समय तक विचार हुआ, लेकिन निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया। अब एक बार फिर परियोजना को पुनर्जीवित करते हुए इसे पहले से अधिक बड़े स्वरूप में विकसित करने की योजना बनाई गई है।
नोएडा प्राधिकरण का मानना है कि यह एलिवेटेड रोड शहर की भविष्य की यातायात जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और नोएडा के औद्योगिक, आईटी तथा आवासीय क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। परियोजना के पूरा होने से न केवल यात्रा समय कम होगा बल्कि ईंधन की बचत, प्रदूषण में कमी और सड़क सुरक्षा में भी सुधार होने की उम्मीद है।


