Noida: न्यू नोएडा की नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से होगी सीधी कनेक्टिविटी, 72 किमी लंबे लिंक एक्सप्रेसवे पर बनेगी रोटरी, प्रस्ताव बोर्ड में जाएगा
Noida: न्यू नोएडा की नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से होगी सीधी कनेक्टिविटी, 72 किमी लंबे लिंक एक्सप्रेसवे पर बनेगी रोटरी, प्रस्ताव बोर्ड में जाएगा
नोएडा के तेजी से विकसित हो रहे न्यू नोएडा (डीएनजीआईआर) को अब नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सीधे जोड़ने की योजना तैयार की जा रही है। इसके लिए 72 किलोमीटर लंबे लिंक एक्सप्रेसवे का प्रस्ताव रखा गया है, जो गंगा एक्सप्रेसवे को यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा और बुलंदशहर होते हुए न्यू नोएडा क्षेत्र से होकर गुजरेगा। इस परियोजना का उद्देश्य क्षेत्र की कनेक्टिविटी को मजबूत करना और एयरपोर्ट तक आसान पहुंच सुनिश्चित करना है।
प्राधिकरण के अनुसार इस लिंक एक्सप्रेसवे पर एक विशेष रोटरी बनाई जाएगी, जिससे न्यू नोएडा को सीधे इस नेटवर्क से जोड़ा जा सकेगा। इस प्रस्ताव को जल्द ही बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि इस रोटरी के बनने से न्यू नोएडा के अधिकांश गांव और प्रस्तावित सेक्टर सीधे लिंक एक्सप्रेसवे से जुड़ जाएंगे, जिससे लोगों को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुंचने में बड़ी सुविधा होगी।
अधिकारियों ने बताया कि इस परियोजना के तहत ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के आसपास पहले से मौजूद सड़क नेटवर्क का भी उपयोग किया जाएगा। जहां आवश्यक होगा, वहां किसानों से आपसी सहमति के आधार पर जमीन ली जाएगी। इसके लिए न्यू नोएडा में साइट ऑफिस भी स्थापित किया जाएगा ताकि भूमि अधिग्रहण और विकास कार्यों को तेज किया जा सके।
प्राधिकरण ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन क्षेत्रों में सड़कों की चौड़ाई वर्तमान में 18 मीटर है, उन्हें मास्टर प्लान के तहत बढ़ाकर 24 मीटर किया जाएगा। इसके लिए संबंधित गांवों की जमीन का उपयोग किया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि इससे क्षेत्रीय सड़क नेटवर्क अधिक मजबूत और सुगम बनेगा।
न्यू नोएडा परियोजना, जिसे डीएनजीआईआर के नाम से भी जाना जाता है, कुल 209.11 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में विकसित की जाएगी। इसे चार चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में 2023 से 2027 के बीच 3165 हेक्टेयर क्षेत्र विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। अधिकारियों ने बताया कि डेडलाइन नजदीक आने के कारण पहले चरण के कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शुरू किया जा रहा है।
दूसरे चरण में 2027 से 2032 तक 3798 हेक्टेयर, तीसरे चरण में 2032 से 2037 तक 5908 हेक्टेयर और चौथे चरण में 2037 से 2041 तक 8230 हेक्टेयर क्षेत्र का विकास किया जाएगा। इस व्यापक योजना के तहत न्यू नोएडा को एक आधुनिक औद्योगिक और आवासीय शहर के रूप में विकसित करने का लक्ष्य है।
भूमि अधिग्रहण के लिए यमुना विकास प्राधिकरण की तर्ज पर मुआवजा नीति तय की गई है। किसानों को 4300 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से मुआवजा दिया जाएगा, जबकि 7 प्रतिशत विकसित प्लॉट लेने वाले किसानों को 3800 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से मुआवजा प्रदान किया जाएगा। यह पूरी प्रक्रिया आपसी सहमति के आधार पर पूरी की जाएगी।
प्राधिकरण का कहना है कि न्यू नोएडा की सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकता बेहतर कनेक्टिविटी है, जिसके लिए आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त लिंक मार्ग भी विकसित किए जाएंगे। इससे न केवल न्यू नोएडा और नोएडा के बीच सीधा संपर्क मजबूत होगा, बल्कि पूरे क्षेत्र की आर्थिक और औद्योगिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।