
Heatwave Crisis: भीषण गर्मी से देशभर में हालात बिगड़े, कई राज्यों में पानी और बिजली का गहरा संकट
देशभर में पड़ रही भीषण गर्मी ने आम लोगों की मुश्किलें कई गुना बढ़ा दी हैं। राजधानी दिल्ली समेत उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में तापमान लगातार 45 से 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है। तेज गर्मी के चलते पानी और बिजली की मांग अचानक बढ़ गई है, जिससे कई शहरों और गांवों में जल संकट और बिजली कटौती की गंभीर स्थिति पैदा हो गई है। कहीं लोग पानी की एक-एक बूंद के लिए लंबी कतारों में खड़े हैं, तो कहीं घंटों बिजली गुल रहने से लोगों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो रहा है।
Delhi के कई इलाकों में पानी की भारी किल्लत देखने को मिल रही है। दक्षिणपुरी और देवली इलाके में पिछले करीब दो महीनों से पानी की सप्लाई बाधित होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। ब्लॉक 10 और 11 सहित कई इलाकों में लोगों के घरों के नल सूख चुके हैं। लोग सुबह से पानी के टैंकरों का इंतजार करते नजर आते हैं और बाल्टी-डिब्बे लेकर घंटों लाइन में खड़े रहते हैं। संगम विहार, अंबेडकर नगर, खानपुर, तिगड़ी, मदनगीर और तुगलकाबाद एक्सटेंशन जैसे इलाकों में भी जल संकट गहराता जा रहा है। पूर्वी दिल्ली के दिलशाद गार्डन में स्थानीय लोगों ने जल बोर्ड कार्यालय के बाहर प्रदर्शन भी किया।
Maharashtra में भी गर्मी और जल संकट ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। Mumbai में पानी की उपलब्धता कम होने के कारण प्रशासन ने 10 प्रतिशत पानी कटौती लागू कर दी है। शहर की सात प्रमुख झीलों का जलस्तर 19.22 प्रतिशत से नीचे पहुंच चुका है। वहीं अमरावती, अकोला, मेलघाट और चंद्रपुर जैसे जिलों में तापमान 45 से 47 डिग्री तक दर्ज किया जा रहा है। ग्रामीण इलाकों में लोग पूरी तरह टैंकरों पर निर्भर हो गए हैं और कई गांवों में महिलाओं को दूर-दराज से पानी लाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
Chandrapur के कुछ गांवों में हालात बेहद खराब बने हुए हैं। यहां कई परिवार आज भी सूखे नालों में गड्ढे खोदकर रिसता हुआ पानी पीने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से शिकायतें की जा रही हैं, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं। गांवों में पीने के साफ पानी की सुविधा आज भी नहीं पहुंच सकी है।
Madhya Pradesh के दतिया और बुरहानपुर जिलों में भी पेयजल संकट लगातार बढ़ता जा रहा है। दतिया में कई इलाकों में तीन से चार दिन में सिर्फ एक बार सीमित समय के लिए पानी की सप्लाई हो रही है। कई जगहों पर दूषित पानी आने की शिकायत भी सामने आई है। वहीं बुरहानपुर जिले के धुलकोट क्षेत्र में लोग पानी की कमी से जूझ रहे हैं।
Uttar Pradesh में भी बिजली और पानी दोनों की समस्या ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। Lucknow के फैजुल्लागंज इलाके में ‘नो पावर, नो वॉटर’ जैसी स्थिति बन गई है। लगातार बिजली कटौती के कारण पानी की मोटरें नहीं चल पा रही हैं, जिससे लोगों को पानी नहीं मिल रहा। गोरखपुर, प्रयागराज, सहारनपुर और कानपुर जैसे शहरों में भी बिजली संकट और जल आपूर्ति की समस्या गंभीर होती जा रही है। गाजियाबाद और खोड़ा इलाके में टैंकरों पर निर्भरता काफी बढ़ गई है।
Saharanpur की अजीज कॉलोनी में करीब 300 परिवार पिछले एक महीने से पानी की समस्या झेल रहे हैं। वहीं Kanpur के 80 फीट रोड इलाके में लंबे समय तक बिजली गुल रहने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
Ghaziabad के कई इलाकों में रोजाना 3 से 5 घंटे तक बिजली कटौती हो रही है। अधिकारियों के अनुसार पुराने उपकरण, ओवरलोड ट्रांसफॉर्मर और बढ़ती बिजली मांग इसकी बड़ी वजह बन रहे हैं।
देशभर में लगातार बढ़ती गर्मी के साथ पानी और बिजली की समस्या ने आम जनता का जीवन मुश्किल कर दिया है। कई जगहों पर लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और प्रशासन से राहत की मांग कर रहे हैं। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी गर्मी से राहत मिलने के संकेत नहीं दिए हैं, जिससे लोगों की चिंता और बढ़ गई है।





