Noida Power Cut: भीषण गर्मी से नोएडा में बिजली की मांग ने तोड़ा रिकॉर्ड, 925 मेगावाट तक पहुंचने की आशंका
Noida Power Cut: भीषण गर्मी से नोएडा में बिजली की मांग ने तोड़ा रिकॉर्ड, 925 मेगावाट तक पहुंचने की आशंका
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में पड़ रही भीषण गर्मी ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। आग उगलती धूप और लगातार बढ़ते तापमान के कारण लोग राहत पाने के लिए कूलर, एसी और अन्य बिजली उपकरणों का जमकर इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके चलते शहर में बिजली की मांग लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है।
नोएडा पावर कंपनी लिमिटेड के अनुसार इस साल बिजली की अधिकतम मांग ने पिछले साल का रिकॉर्ड पहले ही तोड़ दिया है। वर्ष 2025 में 12 जून को दर्ज 832 मेगावाट की अधिकतम मांग का रिकॉर्ड इस बार 18 मई को ही टूट गया, जब मांग बढ़कर 838.15 मेगावाट पहुंच गई। इसके बाद 19 मई को मांग 852.23 मेगावाट और 20 मई को करीब 850 मेगावाट दर्ज की गई। अधिकारियों का अनुमान है कि अगर गर्मी का असर इसी तरह जारी रहा तो आने वाले दिनों में बिजली की मांग 925 मेगावाट तक पहुंच सकती है।
बिजली विभाग का दावा है कि मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बना हुआ है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग नजर आ रही है। मंगलवार रात अल्फा-2 समेत कई सेक्टरों में बिजली कटौती की शिकायतें सामने आईं। वहीं डेल्टा-1 सेक्टर में भी लोगों को कई घंटों तक बिजली संकट का सामना करना पड़ा।
ग्रामीण इलाकों में स्थिति और भी ज्यादा खराब बनी हुई है। बिलासपुर और आसपास के गांवों में दिन और रात मिलाकर आठ से दस घंटे तक बिजली कटौती हो रही है। बिजली गुल होने के कारण लोग गर्मी में परेशान हैं और कूलर-पंखे तक काम नहीं कर पा रहे। कई जगहों पर देर रात बिजली जाने के बाद सुबह तक सप्लाई बहाल नहीं हो रही। महिला, बच्चे, बुजुर्ग और मरीज सबसे ज्यादा दिक्कत झेल रहे हैं।
ग्रेटर नोएडा के कैलाशपुर, खेड़ी और अन्य गांवों में भी करीब दस घंटे तक बिजली कटौती की शिकायतें सामने आई हैं। लगातार हो रही कटौती के कारण लोगों की रातें पसीने में गुजर रही हैं और गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है।
हालांकि बिजली व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर-16 बी में नए सब स्टेशन से बिजली आपूर्ति शुरू कर दी गई है। इससे सेक्टर-16, 16बी, ईकोटेक-15 और आसपास के इलाकों में बिजली सप्लाई बेहतर होने की उम्मीद जताई जा रही है।
पिछले सात दिनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो बिजली की मांग में लगातार तेजी देखने को मिली है। 14 मई को अधिकतम मांग 737.37 मेगावाट थी, जो 19 मई तक बढ़कर 852.23 मेगावाट पहुंच गई। इससे साफ है कि गर्मी बढ़ने के साथ बिजली खपत भी तेजी से बढ़ रही है।


