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QR Code Billing System: तीन दिन में बिजली बिलिंग की 78 शिकायतें दर्ज

QR Code Billing System: तीन दिन में बिजली बिलिंग की 78 शिकायतें दर्ज

Noida में बिजली बिल संबंधी शिकायतों के समाधान के लिए शुरू की गई क्यूआर कोड आधारित ऑनलाइन व्यवस्था को उपभोक्ताओं से अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड की नई हाईटेक सुविधा के तहत महज तीन दिनों में बिलिंग से जुड़ी 78 शिकायतें दर्ज की गई हैं। विभाग का दावा है कि इस नई व्यवस्था से उपभोक्ताओं को बिजली विभाग के कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी।

विद्युत निगम के बिलिंग कार्यालय के लेखाकार Vaibhav Mittal के अनुसार पहले हर दिन बिलिंग और मीटर संबंधी 100 से अधिक शिकायतें विभाग तक पहुंचती थीं। उपभोक्ताओं को शिकायत दर्ज कराने और उसकी जानकारी लेने के लिए कई बार कार्यालय आना पड़ता था। खासतौर पर ग्रेटर नोएडा और दूरदराज के इलाकों से आने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था।

इसी समस्या को दूर करने के लिए रविवार से जिले में क्यूआर कोड आधारित ऑनलाइन शिकायत प्रणाली लागू की गई है। नई व्यवस्था के तहत उपभोक्ता निगम द्वारा जारी क्यूआर कोड को स्कैन करके सीधे गूगल फॉर्म पर अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं। शिकायत दर्ज होते ही संबंधित विभाग को इसकी सूचना भेज दी जाती है और शिकायत के समाधान की प्रक्रिया शुरू हो जाती है।

विभाग के अधिकारियों के मुताबिक शिकायतों का निस्तारण सात दिनों के भीतर करने का लक्ष्य रखा गया है। शिकायत का समाधान होने के बाद उपभोक्ताओं को ई-मेल के माध्यम से सूचना भी दी जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि इस व्यवस्था से शिकायतों की मॉनिटरिंग अधिक आसान हो गई है और लोगों को बार-बार हेल्पलाइन या कार्यालय से संपर्क करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

शहर में सबसे अधिक शिकायतें पुराने बिजली बिल जनरेट न होने को लेकर सामने आई हैं। विभाग के अनुसार जब प्रीपेड मीटर लगाए जा रहे थे, उस दौरान कुछ पुराने बिल जनरेट नहीं हो पाए थे। बाद में एक साथ अधिक राशि वाले बिल आने से उपभोक्ताओं में भ्रम की स्थिति बन गई और लोगों ने इसकी शिकायत दर्ज कराई। विभाग का कहना है कि इस समस्या को तेजी से दूर किया जा रहा है।

Sanjay Kumar Jain ने कहा कि उपभोक्ता अब घर बैठे क्यूआर कोड के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इससे लोगों को कार्यालय आने की जरूरत नहीं पड़ेगी और शिकायतों का समाधान भी अधिक पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से किया जा सकेगा।

 

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