Greater Noida Crime: अंतरजातीय विवाह के बाद विवाद बढ़ा, पत्नी को ब्लैकमेल और पति से मारपीट का आरोप

Greater Noida Crime: अंतरजातीय विवाह के बाद विवाद बढ़ा, पत्नी को ब्लैकमेल और पति से मारपीट का आरोप
ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर क्षेत्र में अंतरजातीय विवाह से जुड़ा एक पारिवारिक विवाद अब गंभीर आपराधिक मामले में बदल गया है। पीड़ित पति ने एक युवक पर पत्नी को ब्लैकमेल करने, घर में घुसकर मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। कोर्ट के आदेश पर सूरजपुर कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित नितिन कुशवाहा, जो ग्रेटर नोएडा के निवासी हैं, ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2018 में एक युवती से प्रेम विवाह किया था। यह विवाह अंतरजातीय होने के कारण पत्नी के परिवार को स्वीकार नहीं था और उसी समय से दोनों को लगातार विरोध और खतरे का सामना करना पड़ा। हालात को देखते हुए दंपति ने उच्च न्यायालय से सुरक्षा भी प्राप्त की थी।
नितिन के अनुसार, वर्तमान में उनके दो छोटे बच्चे हैं, जिनमें एक की उम्र चार वर्ष और दूसरे की करीब 20 महीने है। वे पिछले पांच वर्षों से जम्मू-कश्मीर में एक निजी कंपनी में रेलवे टनल प्रोजेक्ट पर सिविल इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं, जबकि उनका परिवार ग्रेटर नोएडा में रहता था।
पीड़ित ने आरोप लगाया कि उनकी पत्नी का एक परिचित रिश्तेदार अभिषेक सिसोदिया लंबे समय से उनकी पत्नी को ब्लैकमेल कर रहा था। आरोपी कथित तौर पर परिवार को बर्बाद करने, घर से उठवाने, जान से मारने और झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकियां देता रहा। इस मानसिक दबाव के चलते 14 सितंबर 2025 को उनकी पत्नी घर छोड़कर अज्ञात स्थान पर चली गई और दोनों बच्चों को भी अपने साथ ले गई।
नितिन ने आगे बताया कि 2 अक्टूबर 2025 को आरोपी अभिषेक सिसोदिया उनके घर में जबरन घुस आया। उसने गाली-गलौज करते हुए उनके साथ मारपीट की और जान से मारने की नीयत से हमला किया। घटना के बाद पीड़ित ने न्याय की गुहार लगाई और अंततः कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने केस दर्ज किया।
सूरजपुर कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार के अनुसार, कोर्ट के आदेश के बाद आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। पुलिस सभी तथ्यों और साक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई करेगी।
यह मामला न केवल पारिवारिक विवाद की गंभीरता को दर्शाता है, बल्कि यह भी बताता है कि अंतरजातीय विवाह के मामलों में सामाजिक और पारिवारिक दबाव किस तरह आपराधिक घटनाओं का रूप ले सकता है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।





