Noida International Airport: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को सुरक्षा मंजूरी, मई में शुरू हो सकती हैं उड़ानें, हर 2 मिनट में फ्लाइट की तैयारी

Noida International Airport: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को सुरक्षा मंजूरी, मई में शुरू हो सकती हैं उड़ानें, हर 2 मिनट में फ्लाइट की तैयारी
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जल्द ही व्यावसायिक उड़ानों की शुरुआत होने जा रही है। एयरपोर्ट को एयरोड्रोम सिक्योरिटी प्रोग्राम (ASP) के तहत ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS) से मंजूरी मिल गई है, जिसे संचालन की दिशा में एक बड़ा और अहम पड़ाव माना जा रहा है।
एयरपोर्ट प्रबंधन के अनुसार, इस मंजूरी के साथ यह स्पष्ट हो गया है कि एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था, प्रक्रियाएं और मानक सभी नियामकीय आवश्यकताओं के अनुरूप हैं। इससे एयरपोर्ट की ऑपरेशनल तैयारी को भी मजबूती मिली है। अब एयरलाइंस कंपनियों और अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर व्यावसायिक उड़ानों की शुरुआत की तारीख तय की जाएगी।
बताया जा रहा है कि शुरुआती चरण में एयरलाइंस कंपनियों ने यहां से 17 फ्लाइट्स शुरू करने का प्रस्ताव दिया है। मंजूरी मिलने के बाद टिकट बुकिंग प्रक्रिया को अंतिम रूप देने की दिशा में भी काम तेज कर दिया गया है, हालांकि अभी तक उड़ानों के लिए गंतव्य शहरों का चयन नहीं हुआ है।
एयरपोर्ट की क्षमता को बढ़ाने के लिए आने वाले दो वर्षों में विमानों के लिए 25 नए स्टैंड बनाए जाएंगे, जिस पर करीब 300 करोड़ रुपये खर्च होंगे। फिलहाल 28 स्टैंड तैयार हैं, जिनमें 25 व्यावसायिक और 3 कार्गो विमानों के लिए हैं। इसके अलावा एयरपोर्ट पर 10 एयरोब्रिज भी लगाए गए हैं, जिससे यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी।
रनवे को इस तरह डिजाइन किया गया है कि हर घंटे लगभग 30 विमान टेकऑफ और लैंडिंग कर सकें, यानी औसतन हर 2 मिनट में एक उड़ान संभव होगी। इससे एयर ट्रैफिक को संभालने में काफी सहूलियत मिलेगी।
गौरतलब है कि इस एयरपोर्ट का उद्घाटन 28 मार्च को नरेंद्र मोदी द्वारा किया जा चुका है। पहले चरण में 1334 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित इस एयरपोर्ट में 3900 मीटर लंबा रनवे, यात्री टर्मिनल, एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) और कार्गो हब शामिल हैं। फिलहाल घरेलू और कार्गो टर्मिनल तैयार हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय टर्मिनल का निर्माण कार्य जारी है।
एयरपोर्ट प्रबंधन का लक्ष्य है कि मई के अंत तक यहां से नियमित उड़ानों की शुरुआत कर दी जाए, जिससे नोएडा और आसपास के क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी मिल सके।





