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New Delhi : एमएएमसी, लोकनायक और जीबी पंत अस्पताल का होगा पुनर्विकास, 137 एकड़ का हेल्थ हब बनेगा आधुनिक केंद्र

New Delhi : दिल्ली सरकार ने राजधानी के स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा ढांचे को आधुनिक और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज परिसर के समग्र पुनर्विकास के लिए व्यापक अध्ययन को मंजूरी दी है। करीब 137 एकड़ में फैले इस परिसर में मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज के साथ लोकनायक अस्पताल, जीबी पंत अस्पताल, गुरु नानक आई सेंटर और मौलाना आजाद दंत विज्ञान संस्थान जैसे प्रमुख स्वास्थ्य संस्थान शामिल हैं।

यह पूरा परिसर लंबे समय से एक एकीकृत स्वास्थ्य और शैक्षणिक केंद्र के रूप में कार्य कर रहा है, लेकिन अब इसे सुनियोजित और दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ विकसित किया जाएगा। इसके लिए सरकार ने समग्र मूल्यांकन और पुनर्विकास रणनीति तैयार करने हेतु कंसल्टेंसी असाइनमेंट को मंजूरी दी है, जिसे तीन चरणों में पूरा किया जाएगा।

पहले चरण में पूरे परिसर के लिए एक विस्तृत मास्टर प्लान तैयार होगा, जिसमें स्थानीय निकायों के नियमों, डीडीए के मानकों और अन्य वैधानिक प्रावधानों का पालन किया जाएगा। यह योजना अगले 30 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बनाई जाएगी। दूसरे चरण में मौजूदा भवनों का स्ट्रक्चरल ऑडिट और तकनीकी मूल्यांकन किया जाएगा, जिसके आधार पर नई अवसंरचना के डिजाइन और लेआउट तैयार होंगे। तीसरे चरण में टेंडर से जुड़े दस्तावेज तैयार कर प्रक्रिया को तकनीकी सहायता दी जाएगी ताकि परियोजना समयबद्ध तरीके से पूरी हो सके।

इस परियोजना के तहत अस्पताल और शैक्षणिक भवनों के साथ बहुमंजिला आवासीय परिसर, छात्रावास, नर्सिंग सुविधाएं, फायर स्टेशन, स्वच्छता प्रणाली, आंतरिक सड़कें, बेहतर कनेक्टिविटी, उन्नत सुरक्षा व्यवस्था, कैफेटेरिया और मल्टी-लेवल पार्किंग जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। साथ ही डिजिटल ग्राउंड सर्वेक्षण, इंजीनियरिंग ड्रॉइंग और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट भी तैयार की जाएगी।

सरकार का उद्देश्य इस पूरे परिसर को एक आधुनिक, सुव्यवस्थित और कार्यक्षम ‘इंटीग्रेटेड हेल्थकेयर एंड एजुकेशन हब’ के रूप में विकसित करना है, जहां मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिलें और चिकित्सा शिक्षा को विश्वस्तरीय वातावरण प्राप्त हो सके। यह पहल राजधानी में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़, आधुनिक और अधिक जन-केंद्रित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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