New Delhi : दिल्ली के चार आईटीआई में जल्द शुरू होंगी हाई-टेक लैब्स, युवाओं को मिलेगा आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण

New Delhi : दिल्ली सरकार ने राजधानी के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घोषणा की है कि शहर के चार आईटीआई में अत्याधुनिक हाई-टेक लैब्स स्थापित की जाएंगी और मौजूदा सुविधाओं का व्यापक आधुनिकीकरण किया जाएगा, ताकि प्रशिक्षण पूरी तरह उद्योगों की वर्तमान जरूरतों के अनुरूप हो सके और युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़े।
इस पहल के तहत आईटीआई जहांगीरपुरी में पावर इलेक्ट्रॉनिक्स लैब स्थापित की जाएगी, जहां पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन, इलेक्ट्रिकल कंट्रोल सिस्टम और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे क्षेत्रों में उन्नत प्रशिक्षण दिया जाएगा। यहां आधुनिक उपकरणों के माध्यम से प्रशिक्षुओं को सिस्टम संचालन, खराबी की पहचान और रखरखाव का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा, जिससे वे उद्योग के लिए बेहतर रूप से तैयार हो सकेंगे।
आईटीआई जेल रोड (हरि नगर) में वेल्डर लैब का आधुनिकीकरण किया जाएगा। इस लैब में उन्नत वेल्डिंग मशीनें, सिमुलेशन आधारित प्रशिक्षण और आधुनिक फैब्रिकेशन टूल्स उपलब्ध होंगे। आर्क, एमआईजी/टीआईजी वेल्डिंग, प्लाज्मा कटिंग और वेल्डिंग सिमुलेटर जैसी सुविधाएं प्रशिक्षुओं को सटीक और सुरक्षित प्रशिक्षण प्रदान करेंगी, जिससे उनकी तकनीकी दक्षता और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
आईटीआई अरब की सराय (निजामुद्दीन) में ऑटोमोटिव सेक्टर की लैब्स को वर्चुअल रियलिटी तकनीक से अपग्रेड किया जाएगा। यहां वीआर सिमुलेटर के जरिए ड्राइविंग, वेल्डिंग और पेंटिंग का प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही एबीएस और एयरबैग जैसी आधुनिक वाहन प्रणालियों पर विशेष मॉड्यूल विकसित किए जाएंगे, जिससे प्रशिक्षुओं को नई तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान मिल सके।
इसके अलावा एचजेबी आईटीआई, मयूर विहार में इलेक्ट्रिक व्हीकल लैब स्थापित की जाएगी, जो ग्रीन मोबिलिटी और भविष्य की ऑटोमोबाइल तकनीकों पर केंद्रित होगी। यहां बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम, इलेक्ट्रिक मोटर्स और ईवी चार्जिंग तकनीकों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे प्रशिक्षु इलेक्ट्रिक वाहनों की असेंबली, जांच और मरम्मत में दक्ष बन सकें।
सरकार का मानना है कि इन हाई-टेक लैब्स के माध्यम से युवाओं को उद्योगों की वास्तविक कार्यप्रणाली का अनुभव मिलेगा और उनके लिए रोजगार व स्वरोजगार के नए अवसर खुलेंगे। यह पहल देश में कौशल विकास को बढ़ावा देने और तकनीकी रूप से सक्षम युवा तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।



