Greater Noida Dumping Ground Protest: आठ गांवों के ग्रामीण एकजुट, अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी

Greater Noida Dumping Ground Protest: आठ गांवों के ग्रामीण एकजुट, अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी
ग्रेटर नोएडा के अस्तौली गांव में बनाए गए डंपिंग ग्राउंड के विरोध में अब आंदोलन तेज होता नजर आ रहा है। गौतम बुद्ध नगर और बुलंदशहर जिले के आठ से अधिक गांवों के ग्रामीण इस मुद्दे पर एकजुट हो गए हैं और प्रशासन के खिलाफ बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रहे हैं। रविवार को हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में ग्रामीणों ने डंपिंग ग्राउंड को हटाने की मांग को लेकर सामूहिक और अनिश्चितकालीन धरना देने का निर्णय लिया।
ग्रामीणों का आरोप है कि इस डंपिंग ग्राउंड के चलते पूरे क्षेत्र में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। उनका कहना है कि आसपास के गांवों में बदबू, गंदगी और संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है, जिससे बच्चों और बुजुर्गों की हालत अधिक खराब हो रही है। ग्रामीणों के अनुसार, यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन बार-बार शिकायत करने के बावजूद प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
बैठक में गौतम बुद्ध नगर के अस्तौली, आजमपुर गढ़ी, बांजरपुर और सरकपुर गांव के साथ-साथ बुलंदशहर के हिरनौटी, फतेहपुर, मकरंदपुर, रोनी, सलोनी और कमालपुर गांवों के सैकड़ों लोग शामिल हुए। सभी ग्रामीणों ने एक स्वर में डंपिंग ग्राउंड को तत्काल हटाने की मांग उठाई और इसे जनस्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बताया।
ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि यह केवल एक गांव का मुद्दा नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लोगों के जीवन और स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर मामला है। इसलिए अब वे पीछे हटने वाले नहीं हैं।
बैठक के दौरान यह भी तय किया गया कि सभी गांवों के लोग एकजुट होकर शांतिपूर्ण तरीके से धरना शुरू करेंगे, लेकिन जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति गहरी नाराजगी देखी जा रही है, क्योंकि उनका मानना है कि उनकी समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है।
इस मौके पर डॉ. शैलेश, विनोद प्रधान, सूरज भाटी, अरुण भाटी, विजय पहलवान, अंकित मास्टर, देवेंद्र सिंह, तुरमल सिंह, आजाद, राजवीर दरोगा, देवी भाटी, धनपाल नेताजी, बलराज प्रधान और अशोक भाटी समेत सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे और सभी ने मिलकर इस आंदोलन को सफल बनाने का संकल्प लिया।





